सरकारी बैंकों में तीन दिन की हड़ताल, 7.5 लाख कर्मचारी 5-डे वर्किंग और PLI के विरोध में उतरे
सरकारी बैंकों में तीन दिन की हड़ताल, 7.5 लाख कर्मचारी 5-डे वर्किंग और PLI के विरोध में उतरे
देशभर के सरकारी बैंकों के करीब 7.5 लाख कर्मचारी सोमवार से बुधवार तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मचारी 5-डे वर्किंग लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़े नियमों समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
हड़ताल में बैंक कर्मचारियों की सात प्रमुख यूनियनें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियनों की प्रमुख मांग है कि सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करते हुए सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू की जाए। इस मांग पर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच अभी सहमति नहीं बन पाई है।
PLI के नए नियमों का भी विरोध
बैंक कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लागू किए जा रहे नए PLI नियमों का भी विरोध कर रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव व्यवस्था कर्मचारियों के बीच भेदभाव पैदा करती है।
रविवार को खुली सरकारी बैंक शाखाएं
हड़ताल के दौरान ग्राहकों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए सरकारी बैंकों की शाखाएं रविवार को भी खुली रखी गईं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सार्वजनिक अवकाश वाले रविवार को सभी सरकारी बैंक शाखाएं खोलने की ऐसी व्यापक व्यवस्था लंबे अंतराल के बाद की गई है। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान भी रविवार को बैंक शाखाएं खोली गई थीं।
ATM से निकासी पर अतिरिक्त शुल्क में राहत
हड़ताल के दौरान नकदी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए ATM सेवाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। SBI और PNB समेत सरकारी बैंकों के ATM से मुफ्त निकासी की निर्धारित सीमा पार होने के बाद भी इस अवधि में अतिरिक्त शुल्क नहीं लिए जाने की जानकारी दी गई है।
सामान्य तौर पर मुफ्त ATM लेनदेन की सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त नकद निकासी पर ₹23 और GST का शुल्क लागू होता है। हड़ताल के दौरान ग्राहकों को इस शुल्क से अस्थायी राहत देने की व्यवस्था की गई है।
