पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गुरुद्वारे के अंदर सिख बुजुर्ग दंपति की गोली मारकर हत्या, भारत में भारी आक्रोश
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गुरुद्वारे के अंदर सिख बुजुर्ग दंपति की गोली मारकर हत्या, भारत में भारी आक्रोश
पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद विचलित करने वाली और बर्बर घटना सामने आई है। यहाँ बुधवार को एक गुरुद्वारे के भीतर अज्ञात हमलावरों ने एक बुजुर्ग सिख सेवादार दंपति की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर भारत में सिख संगठनों और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है।
गुरुद्वारे के भीतर की गई अंधाधुंध गोलीबारी
यह दर्दनाक घटना पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में घटित हुई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) मसूद अहमद के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के परिसर के भीतर घुसकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में कार्यरत जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौके पर ही मौत हो गई।
अकाल तख्त और भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति
इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर वहां की सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की मांग:
जत्थेदार गड़गज ने पाकिस्तान सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान में सिख समुदाय पहले से ही अल्पसंख्यक है और इस तरह उन्हें निशाना बनाना उत्पीड़न का गंभीर मामला है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल खान अफरीदी से मामले का तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों को कठोर सजा दिलाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जिस पवित्र स्थान पर प्रतिदिन ‘सरबत दा भला’ (सबके भले) की अरदास होती है, वहां ऐसी हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है।
भाजपा नेता तरुण चुघ का बयान:
भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने इसे ‘बर्बर और बेहद विचलित करने वाली’ घटना करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बार-बार होने वाली हिंसक घटनाएं वहां की सरकार की नाकामी को दर्शाती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह अल्पसंख्यकों को डराने और भगाने के लिए सरकार प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा है?
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की गुहार
इस दोहरे हत्याकांड के बाद भारत में दोनों ही प्रमुख शख्सियतों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय को पाकिस्तान सरकार को अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों और उनके जान-माल की रक्षा करने में विफल रहने के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।
