यूएस-ईरान युद्ध का हुआ अंत: राष्ट्रपति ट्रंप और पेजे़श्कियन ने एमओयू पर किए हस्ताक्षर, हटेंगे सभी प्रतिबंध
यूएस-ईरान युद्ध का हुआ अंत: राष्ट्रपति ट्रंप और पेजे़श्कियन ने एमओयू पर किए हस्ताक्षर, हटेंगे सभी प्रतिबंध
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले लगभग चार महीनों से जारी भीषण सैन्य संघर्ष आखिरकार पूरी तरह समाप्त हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजे़श्कियन ने बुधवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच शांति बहाली का रास्ता साफ हो गया है।
वर्साय में हुआ ऐतिहासिक समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा आयोजित एक डिनर के दौरान इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति भी वहां मौजूद थे। डील पर साइन करने के बाद ट्रंप और मैक्रॉन ने हाथ मिलाया और वहां मौजूद सभी मेहमानों ने तालियां बजाकर इस फैसले का स्वागत किया।
इससे पहले, रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इस एमओयू पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए थे। समझौते की आधिकारिक कॉपी ईरान और मध्यस्थता करा रहे देशों को भेज दी गई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी ट्रंप के हस्ताक्षर वाली इस डील की कॉपी को सार्वजनिक रूप से दिखाया है।
समझौते (MoU) की मुख्य बातें और शर्तें:
इस ऐतिहासिक डील के तहत दोनों देशों के बीच निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है:
आर्थिक निवेश और राहत:
ईरान को खाड़ी देशों के माध्यम से 300 अरब डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट मिलेगा।
इसमें से 150 अरब डॉलर के निवेश का कमिटमेंट पहले ही हो चुका है।
अमेरिका द्वारा ज़ब्त किए गए ईरान के 150 अरब डॉलर वापस मिलेंगे, जो किस्तों में ट्रांसफर किए जाएंगे।
ईरान को तेल और पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट करने की पूरी छूट दी जाएगी।
सैन्य और सुरक्षा कदम:
अमेरिका ईरान की सीमाओं के पास से अपनी सेना को पीछे हटाएगा।
अगले 30 दिनों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री यातायात (ट्रैफिक) पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध:
अमेरिका ईरान पर लगाए गए सभी तरह के आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों को हटाएगा।
इसके बदले में ईरान परमाणु हथियार न बनाने की पूर्ण गारंटी देगा।
ईरान के एटमी प्रोग्राम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी की जाएगी।
60 दिनों में होगी फाइनल डील
इस प्रारंभिक समझौते के बाद, अमेरिका और ईरान अगले 60 दिनों के भीतर एक फाइनल डील (अंतिम समझौते) के लिए आपस में बातचीत करेंगे। इस फाइनल एग्रीमेंट को अंतिम मंजूरी के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के पास भेजा जाएगा।
