Telegram पर भारत में अस्थायी प्रतिबंध: पांच प्रमुख फीचर्स जिनकी वजह से उठाया गया कदम
Telegram पर भारत में अस्थायी प्रतिबंध: पांच प्रमुख फीचर्स जिनकी वजह से उठाया गया कदम
नई दिल्ली, 18 जून 2026: भारत सरकार ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले Telegram मैसेजिंग ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। यह बैन 22 जून तक लागू रहेगा, यानी री-टेस्ट के एक दिन बाद तक। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और आईटी मिनिस्ट्री के मुताबिक, धोखाधड़ी करने वाले गिरोह Telegram का इस्तेमाल करके स्टूडेंट्स को फर्जी पेपर बेच रहे थे और मिसइनफॉर्मेशन फैला रहे थे।
Telegram के कुछ खास फीचर्स को मुख्य वजह बताया जा रहा है, जिनकी वजह से बैन का फैसला लिया गया। नीचे पांच प्रमुख फीचर्स दिए गए हैं:
1. मैसेज एडिटिंग फीचर (Message Editing Feature)
Telegram यूजर्स को पुराने मैसेज को एडिट करने की सुविधा देता है, और “Edited” लेबल हमेशा स्पष्ट रूप से नहीं दिखता, खासकर जब मैसेज फॉरवर्ड किए जाते हैं। NTA के अनुसार, स्कैमर्स फर्जी NEET पेपर पोस्ट करते थे, फिर एग्जाम के बाद उन्हें रियल पेपर से बदल देते थे ताकि पेपर लीक का फर्जी सबूत बनाया जा सके। इस फीचर को 30 जून तक डिसेबल करने के निर्देश दिए गए हैं।
2. पब्लिक चैनल्स और ग्रुप्स की आसान उपलब्धता (Public Channels & Large Groups)
Telegram पर आसानी से बड़े पब्लिक चैनल बनाए जा सकते हैं जहां हजारों-लाखों लोग जुड़ सकते हैं। धोखेबाज चैनल जैसे “PAPER LEAKED NEET” और “Private Mafia” पर लाखों रुपये में फर्जी पेपर बेचे जा रहे थे। इन चैनल्स को मॉनिटर करना मुश्किल होता है।
3. एनोनिमिटी और प्राइवेसी फीचर्स (Anonymity Features)
Telegram अकाउंट बनाने के लिए फोन नंबर जरूरी नहीं होता (या आसानी से छिपाया जा सकता है), और एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन जैसी सुविधाएं स्कैमर्स और चीटिंग रैकेट्स को छिपने में मदद करती हैं। इससे ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है।
4. फाइल शेयरिंग और मीडिया सपोर्ट (Large File Sharing & Media)
Telegram पर बड़ी फाइल्स (दस्तावेज, इमेज, PDF) आसानी से शेयर की जा सकती हैं। चीटिंग गिरोह फर्जी पेपर PDF या इमेज शेयर करते थे, जिससे बड़े स्तर पर धोखाधड़ी फैल रही थी।
5. बॉट्स और ऑटोमेशन (Bots & Automation)
Telegram बॉट्स की सपोर्ट देता है जो ऑटोमैटिक मैसेज, सेलिंग और स्पैमिंग के लिए इस्तेमाल होते हैं। इससे स्कैमर्स बड़े पैमाने पर स्टूडेंट्स तक पहुंच पाते थे।
सरकार का तर्क: यह कदम NEET री-टेस्ट (21 जून) को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि पेपर लीक और फ्रॉड रोका जा सके। Telegram ने इस बैन को कोर्ट में चुनौती दी है और CEO Pavel Durov ने कहा कि इससे 15 करोड़+ सामान्य यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं।
नोट: यह बैन अस्थायी है और पूर्ण स्थायी बैन नहीं। सरकार ने Apple और Google को भी ऐप डीलिस्ट करने को कहा। स्टूडेंट्स को सलाह दी गई है कि आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।
यह घटना परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक सख्त कदम मानी जा रही है, हालांकि प्राइवेसी और फ्री स्पीच पर बहस भी छिड़ गई है।
