Thursday, June 18, 2026
Latest:
अन्तर्राष्ट्रीय

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता 15 जुलाई से होगा लागू: भारतीय उत्पादों को मिलेगी ‘जीरो टैरिफ’ एंट्री, सस्ती होंगी ब्रिटिश कार और स्कॉच

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता 15 जुलाई से होगा लागू: भारतीय उत्पादों को मिलेगी ‘जीरो टैरिफ’ एंट्री, सस्ती होंगी ब्रिटिश कार और स्कॉच

​नई दिल्ली/लंदन। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के आर्थिक रिश्तों में एक ऐतिहासिक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। दोनों देशों ने बुधवार को आधिकारिक घोषणा की है कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) आगामी 15 जुलाई, 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। पिछले साल दोनों देशों के बीच हुए औपचारिक हस्ताक्षरों के बाद इसे रिकॉर्ड समय में लागू किया जा रहा है। लंदन ने इसे इतने बड़े पैमाने पर होने वाले समझौतों के इतिहास में सबसे तेजी से लागू होने वाला व्यापार समझौता बताया है।

​पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक मील का पत्थर, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

​जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के एवियन में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पर गहरी खुशी जताई। पीएम मोदी ने लिखा, “यह भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह समझौता हमारे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को भारी बढ़ावा देगा। इससे भारतीय किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई (MSME), स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के लिए असीम अवसर खुलेंगे और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।” उन्होंने बताया कि वे और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, दोनों ही इस नई आर्थिक गति से बेहद उत्साहित हैं।

​बता दें कि दोनों देशों ने 24 जुलाई, 2025 को इस वृहद आर्थिक और व्यापार करार (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मुख्य लक्ष्य साल 2030 तक दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को दोगुना कर 56 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

​भारतीय निर्यात चमकेगा: 99% उत्पादों को मिलेगी टैक्स से मुक्ति

​इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से ब्रिटेन निर्यात होने वाले 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटिश बाजार में ‘जीरो टैरिफ’ (शून्य सीमा शुल्क) पर एंट्री मिलेगी। इससे ब्रिटिश बाजारों में भारतीय सामान बेहद प्रतिस्पर्धी और मजबूत हो जाएंगे।

​इन भारतीय सामानों को मिलेगा बड़ा फायदा: भारत से निर्यात होने वाले चावल, चाय, मसाले, झींगा (सी-फूड), दवाएं, कपड़े, जूते-चप्पल, रत्न एवं आभूषण, खिलौने, खेल के सामान, मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग टूल्स और इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड गाड़ियों को यूके के बाजार में बेहतर और सीधी पहुंच मिलेगी।

​भारत में सस्ते होंगे स्कॉच, लग्जरी गाड़ियां और चॉकलेट

​समझौते के तहत जहां भारत को अपने निर्यात के लिए बड़ा बाजार मिल रहा है, वहीं भारत भी ब्रिटेन से आने वाली लग्जरी कारों, स्कॉच और व्हिस्की जैसी महंगी शराब पर आयात शुल्क (टैरिफ) को कम करेगा। इसके लागू होने से भारतीय बाजारों में कई ब्रिटिश उत्पाद काफी सस्ते हो जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

​लग्जरी गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक्स

​स्कॉच, व्हिस्की और सॉफ्ट ड्रिंक्स

​चॉकलेट और बिस्कुट

​कॉस्मेटिक्स (सौंदर्य उत्पाद) और फर्नीचर

​सैल्मन फिश और लैंब मीट

​मेडिकल डिवाइस, इक्विपमेंट और एयरोस्पेस पार्ट्स

​कारोबारियों को मिला 28 दिन का समय

​केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय और ब्रिटेन के ‘डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस एंड ट्रेड’ ने संयुक्त बयान में कहा कि समझौते की शर्तों को पूरी तरह समझने और तैयारी करने के लिए कारोबारियों के पास अब 28 दिनों का समय है। 15 जुलाई से दोनों देशों के आयातक और निर्यातक इन नई और रियायती शर्तों के तहत अपना व्यापार शुरू कर सकेंगे, जो वैश्विक मंदी के इस दौर में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *