‘बंटवारा 1947’: आमिर खान प्रोडक्शंस ने जारी किए मुख्य किरदारों के कैरेक्टर पोस्टर्स, चेहरों पर दिखा विभाजन का दर्द और संघर्ष
‘बंटवारा 1947’: आमिर खान प्रोडक्शंस ने जारी किए मुख्य किरदारों के कैरेक्टर पोस्टर्स, चेहरों पर दिखा विभाजन का दर्द और संघर्ष
मुंबई: भारत-पाकिस्तान विभाजन के ऐतिहासिक और संवेदनशील विषय पर बन रही बॉलीवुड की बहुचर्चित फिल्म ‘बंटवारा 1947’ (Bantwara 1947) इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के मेकर्स ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ाते हुए एक नया और बड़ा अपडेट साझा किया है। फिल्म के शुरुआती मोशन पोस्टर की सफलता के बाद, अब मेकर्स ने इसके मुख्य किरदारों के आधिकारिक ‘कैरेक्टर पोस्टर्स’ (Character Posters) जारी कर दिए हैं।
आमिर खान प्रोडक्शंस (Aamir Khan Productions) ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर इन पोस्टर्स को साझा किया है। इन पोस्टर्स में फिल्म के प्रमुख कलाकारों, जैसे- दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी, एक्शन सुपरस्टार सनी देओल, प्रीति जिंटा, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु सिंह के किरदारों की पहली गंभीर झलक देखने को मिल रही है।
पोस्टर्स में दिखा 1947 का दौर और इंसानी भावनाएं
जारी किए गए सभी कैरेक्टर पोस्टर्स को उस दौर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में बेहद प्रामाणिक तरीके से ढाला गया है। पोस्टर में सभी कलाकार एक ऐसे समय के बीच खड़े नजर आ रहे हैं, जब देश इतिहास के सबसे बड़े विभाजन के दर्द, विस्थापन और हिंसा के दौर से गुजर रहा था। इन पोस्टर्स की सबसे खास बात यह है कि बिना किसी संवाद के, सिर्फ कलाकारों के चेहरों के हाव-भाव से उस दौर के दर्द, असमंजस, डर और संघर्ष को बखूबी पर्दे पर उतारने की कोशिश की गई है।
मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर इन पोस्टर्स को साझा करते हुए एक बेहद भावुक कैप्शन भी लिखा— “एक ऐसी दुनिया में जहां सब कुछ टूट रहा था, वहां कुछ लोगों की कहानी साहस और हिम्मत की मिसाल बन गई। ‘बंटवारा 1947’ उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने उस कठिन समय को जिया और उससे उबरने की कोशिश की।”
इससे पहले जारी हुए मोशन पोस्टर में भी सनी देओल, प्रीति जिंटा और शबाना आजमी मुख्य रूप से नजर आए थे, जिसमें बैकग्राउंड में आग, हिंसा और चारों तरफ मची अफरा-तफरी का माहौल दिखाया गया था।
सनी देओल और राजकुमार संतोषी की ऐतिहासिक जोड़ी की वापसी
फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का निर्देशन हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्मकार राजकुमार संतोषी कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया जा रहा है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जरिए अभिनेता सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की आइकॉनिक जोड़ी का ‘री-यूनियन’ (Reunion) हो रहा है। इससे पहले इस जोड़ी ने ‘घायल’, ‘घातक’ और ‘दामिनी’ जैसी कल्ट और यादगार फिल्में दी हैं।
क्या है फिल्म की अनोखी कहानी?
फिल्म की कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो राजनीतिक फैसलों से इतर उन आम लोगों की जिंदगी और उनके हालातों को बयां करती है जो इस त्रासदी से सीधे प्रभावित हुए थे।
फिल्म के कथानक में एक हिंदू परिवार को केंद्र में दिखाया गया है, जो विभाजन के दौरान सब कुछ छोड़कर लाहौर से भारत आता है। भारत आने के बाद उन्हें रहने के लिए एक ऐसी हवेली मिलती है, जो कभी एक मुस्लिम परिवार की हुआ करती थी। लेकिन कहानी में असली और भावनात्मक मोड़ तब आता है, जब इस हिंदू परिवार को पता चलता है कि उस विशाल हवेली के एक हिस्से में एक बुजुर्ग मुस्लिम महिला (संभवतः शबाना आजमी का किरदार) अभी भी रह रही हैं, जो अपना घर छोड़कर नहीं जा सकीं। यहीं से इंसानी रिश्तों, मजहब से ऊपर उठती भावनाओं, आपसी टकराव और संघर्ष की एक बेहद गहरी और मार्मिक कहानी आकार लेती है।
