अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: आयुष मंत्रालय ने दी “आसनों की रानी” सर्वांगासन की सलाह, असमय सफेद होते बालों और बुढ़ापे की समस्याओं से दिलाएगा मुक्ति
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: आयुष मंत्रालय ने दी “आसनों की रानी” सर्वांगासन की सलाह, असमय सफेद होते बालों और बुढ़ापे की समस्याओं से दिलाएगा मुक्ति
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) अब सिर्फ कुछ ही दिन दूर है। हर साल की तरह इस बार भी इस वैश्विक आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। वर्ष 2026 के लिए योग दिवस का मुख्य विषय (Theme) ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ (Yoga for Healthy Aging) रखा गया है। इस विषय को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक विशेष योगासन के नियमित अभ्यास की सलाह दी है, जिसे योग विज्ञान में “आसनों की रानी” कहा जाता है— यानी सर्वांगासन (Sarvangasana)।
युवाओं में असमय सफेद होते बालों का अचूक इलाज
आयुष मंत्रालय के अनुसार, आजकल की आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी, अत्यधिक मानसिक तनाव, प्रदूषण और गलत खान-पान के कारण बड़ी संख्या में युवा छोटी उम्र में ही बाल सफेद होने (Premature Graying of Hair) की समस्या से परेशान हैं। मंत्रालय का कहना है कि सर्वांगासन का नियमित अभ्यास इस समस्या को काफी हद तक रोकने में बेहद प्रभावी साबित हो सकता है।
यह आसन पूरे शरीर को ऊपर की ओर उल्टा करके शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) को बेहतर बनाता है। जब शरीर उल्टा होता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण सिर और स्कैल्प (Scalp) की तरफ रक्त का प्रवाह तेजी से बढ़ता है, जिससे बालों की जड़ों को भरपूर ऑक्सीजन और जरूरी पोषण मिलता है। परिणामतः, बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, बालों का झड़ना रुकता है और समय से पहले उनके सफेद होने की प्रक्रिया काफी धीमी पड़ जाती है।
क्या है सर्वांगासन और कैसे किया जाता है?
सर्वांगासन को अंग्रेजी में ‘शोल्डर स्टैंड’ (Shoulder Stand) यानी कंधे के बल खड़े होने वाला आसन भी कहा जाता है।
विधि: इसमें व्यक्ति को चटाई पर पीठ के बल सीधा लेटना होता है। इसके बाद, दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाते हुए पूरे धड़ को जमीन से ऊपर उठा लिया जाता है और पूरे शरीर का भार कंधों, गर्दन और कोहनियों पर आ जाता है। हाथों से पीठ को सहारा दिया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसे हमेशा सही तरीके से और शुरुआत में किसी योग ट्रेनर की देखरेख में ही करना चाहिए, ताकि गर्दन या रीढ़ की हड्डी में कोई चोट न आए।
सर्वांगासन से मिलने वाले 5 बड़े स्वास्थ्य लाभ
आयुष मंत्रालय ने ‘हेल्दी एजिंग’ (स्वस्थ बुढ़ापा) के लिए इसके कई अन्य जादुई फायदों का भी उल्लेख किया है:
एंटी-एजिंग और त्वचा में चमक: यह आसन चेहरे की ओर रक्त संचार बढ़ाकर झुर्रियों को कम करता है और बुढ़ापे के अन्य लक्षणों को रोकता है।
हार्मोनल संतुलन (Hormone Balance): यह गले में स्थित थायरॉइड (Thyroid) और अन्य एंडोक्राइन ग्रंथियों को सक्रिय करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म सुधरता है और हार्मोन का संतुलन बना रहता है।
बेहतर पाचन तंत्र: सर्वांगासन के अभ्यास से पेट के अंगों की मालिश होती है, जिससे अपच, गैस और कब्ज जैसी पुरानी पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
गंभीर बीमारियों में राहत: यह आसन हार्निया, बवासीर (Piles) और महिलाओं में गर्भाशय संबंधी समस्याओं में काफी राहत पहुंचाता है।
मानसिक शांति और ऊर्जा: विपरीत दिशा में रक्त प्रवाह होने से मस्तिष्क को शांति मिलती है, जिससे तनाव, चिंता और अनिद्रा दूर होती है और शरीर में दिनभर ऊर्जा व स्फूर्ति बनी रहती है।
योग दवा नहीं, दीर्घायु जीवन जीने की शैली है
आयुष मंत्रालय ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि योग कोई तात्कालिक दवा नहीं है, बल्कि यह एक सस्टेनेबल जीवनशैली है। यदि हर उम्र के लोग रोजाना सिर्फ 10 से 15 मिनट भी सर्वांगासन का अभ्यास करते हैं, तो वे लंबे समय तक दवाओं से दूर और शारीरिक-मानसिक रूप से स्वस्थ बने रह सकते हैं। इस योग दिवस पर ‘हेल्दी एजिंग’ के संकल्प के साथ इस आसन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है।
