राजनीति

शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट: 6 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा पत्र, एकनाथ शिंदे गुट में करेंगे विलय

शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट: 6 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा पत्र, एकनाथ शिंदे गुट में करेंगे विलय

​नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा अब एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में बदल गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सभी 6 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें एक आधिकारिक पत्र सौंपा है। सूत्रों के मुताबिक, इस पत्र में सांसदों ने स्पष्ट किया है कि वे मूल शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) में अपना विलय कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा में अपनी बैठने की सीट को भी बदलकर शिंदे गुट के साथ करने की मांग की है।

​”कांग्रेस में विलय करना चाहते हैं सीनियर नेता”

​बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में उद्धव ठाकरे गुट पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। चिट्ठी में लिखा गया है:

​”शिवसेना (UBT) अपने मूल सिद्धांतों और विचारधारा से पूरी तरह भटक गई है। पार्टी के सीनियर नेता अब शिवसेना (यूबीटी) का विलय कांग्रेस में कराना चाहते हैं। हम इस फैसले के सख्त खिलाफ हैं, इसलिए हम पार्टी छोड़ रहे हैं और हम सभी 6 सांसद शिवसेना (शिंदे) गुट में विलय का फैसला करते हैं।”

​सीक्रेट मिशन: आधी रात को प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचे थे सांसद

​इस पूरी बगावत की पटकथा बेहद गोपनीय तरीके से 16 जून की रात को ही लिख दी गई थी। सांसदों को दिल्ली लाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम और प्राइवेट जेट्स का इस्तेमाल किया गया:

​16 जून (देर रात 1:30 बजे): सांसद नागेश पाटिल अष्टीकर नांदेड़ से प्राइवेट जेट के जरिए दिल्ली पहुंचे।

​16 जून (रात): संजय देशमुख और संजय जाधव एक अन्य प्राइवेट जेट से नांदेड़ से दिल्ली आए। इसी दौरान भाऊसाहेब वाकचौरे हैदराबाद से प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचे। संजय दीना पाटिल और विधायक प्रताप सरनायक भी इसी रात दिल्ली लैंड हुए।

​17 जून (तड़के 3:00 से 4:30 बजे): महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई से जयपुर होते हुए सुबह 3 बजे दिल्ली पहुंचे। वहीं, सांसद ओमराजे निंबालकर, श्रीकांत शिंदे के साथ पुणे से सुबह 4:30 बजे दिल्ली पहुंचे।

​नोएडा के होटल में ठहरे, सुबह 7 बजे से मुलाकातों का दौर शुरू

​दिल्ली पहुंचने के बाद इन सभी बागी सांसदों को उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक सुरक्षित होटल में रुकवाया गया था। इसके बाद मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ:

​17 जून (सुबह 7:00 बजे): श्रीकांत शिंदे और ओमराजे निंबालकर ने सबसे पहले स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की।

​17 जून (सुबह 10:20 बजे): ओमराजे निंबालकर के साथ बाकी के 5 सांसदों ने भी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें अपना पत्र सौंपा।

​स्पीकर से मिलने के बाद धार्मिक यात्राओं पर निकले सांसद

​लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात का मिशन पूरा करने के बाद सभी सांसद अलग-अलग शहरों के लिए रवाना हो गए:

​नागेश पाटिल अष्टीकर चेन्नई होते हुए तिरुपति बालाजी दर्शन के लिए गए।

​भाऊसाहेब वाकचौरे वाराणसी और संजय देशमुख व संजय जाधव अयोध्या में प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए रवाना हुए।

​संजय दीना पाटिल मुंबई और ओमराजे निंबालकर वापस पुणे लौट गए।

​20 जून को एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद खुलेगा राज

​बागी सांसदों का अगला प्लान अब पूरी तरह तैयार है। ये सभी 6 बागी सांसद 20 जून को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से औपचारिक मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वे उस पत्र को सार्वजनिक करेंगे, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने की पूरी वजह लिखी है। साथ ही वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से हुई मुलाकात का पूरा ब्यौरा भी देश के सामने रखेंगे।

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