फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को डीआर कांगो ने 1-1 से रोका, कांगो ने रचा इतिहास
फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को डीआर कांगो ने 1-1 से रोका, कांगो ने रचा इतिहास
ह्यूस्टन: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जहां एक ओर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी ने करिश्माई प्रदर्शन से अपने अभियान का आगाज किया, वहीं उनके चिर-प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को बड़ा झटका लगा है। ग्रुप-के के मुकाबले में पुर्तगाल को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से संतोष करना पड़ा।
छठे मिनट में दागा गोल, फिर कांगो की ऐतिहासिक वापसी
ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पुर्तगाल ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और छठे मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। पेड्रो नेटो के शानदार क्रॉस पर जोआओ नेवेस ने बेहतरीन हेडर लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
हालांकि, शुरुआती झटके के बाद कांगो डीआर ने शानदार वापसी की। अफ्रीकी टीम ने लगातार आक्रमण किए और पहले हाफ के अतिरिक्त समय (इंजरी टाइम) में बराबरी का गोल दाग दिया। आर्थर मासुआकू के सटीक क्रॉस पर योआने विस्सा ने दमदार हेडर लगाकर इतिहास रच दिया। यह कांगो डीआर का वर्ल्ड कप इतिहास का पहला गोल था, जो उसने 1974 में पहली बार टूर्नामेंट में खेलने के 52 साल बाद किया।
पुर्तगाल का फीका आक्रमण
मैच में पुर्तगाल के पास गेंद पर कब्जा (पजेशन) ज्यादा रहा, लेकिन वह इसे प्रभावी हमलों में नहीं बदल सकी। पूरी टीम मैच में केवल एक ही शॉट लक्ष्य (ऑन टारगेट) पर लगा सकी। रोनाल्डो और उनकी टीम को कांगो की मजबूत डिफेंस ने खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
दूसरे हाफ में रद्द हुआ गोल, रोनाल्डो ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड
दूसरे हाफ की शुरुआत में जोआओ कैंसिलो ने शानदार ओवरहेड किक से गोल किया था, लेकिन ऑफसाइड होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद भी पुर्तगाल ने जीत के लिए कई प्रयास किए, मगर कांगो डीआर का डिफेंस दीवार बनकर खड़ा रहा।
इस मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने भले ही कोई गोल न किया हो, लेकिन उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 41 साल और 132 दिन की उम्र में वह वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही यह उनके करियर का 23वां वर्ल्ड कप मैच था, जिससे उन्होंने इटली के महान खिलाड़ी पाओलो माल्दिनी की बराबरी कर ली।
मैच खत्म होने के बाद मुस्कान कांगो डीआर के खिलाड़ियों के चेहरों पर थी, क्योंकि उन्होंने वर्ल्ड कप इतिहास का पहला गोल और पहला पॉइंट हासिल कर एक यादगार उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है।
