देहरादून में छात्र ‘गैंगवार’ पर SSP का कड़ा प्रहार: गुटबाजी की तो कॉलेज से होंगे बाहर, संस्थानों की भी तय होगी जवाबदेही
देहरादून के प्रेमनगर में बीटेक छात्र की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों और हॉस्टल संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब कॉलेजों में गुटबाजी करने वाले छात्रों की खैर नहीं होगी।
देहरादून में छात्र ‘गैंगवार’ पर SSP का कड़ा प्रहार: गुटबाजी की तो कॉलेज से होंगे बाहर, संस्थानों की भी तय होगी जवाबदेही
देहरादून: प्रेमनगर के केहरी गांव में वर्चस्व की लड़ाई में एक बीटेक छात्र की जान जाने के बाद देहरादून पुलिस ने ‘बदमाश’ छात्रों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने साफ कर दिया है कि शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्रों को न केवल चिह्नित किया जाएगा, बल्कि उन्हें कॉलेज से निष्कासित (Expel) भी कराया जाएगा।
प्रेमनगर हत्याकांड: क्या था मामला?
बीती 23 मार्च की रात प्रेमनगर स्थित एक निजी संस्थान के बीटेक छात्रों के दो गुटों में खूनी संघर्ष हुआ था। इस मारपीट में यूपी निवासी दिव्यांशु जाटराना (22 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में 3 छात्रों को गिरफ्तार किया है और कुल 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
SSB के सख्त निर्देश: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने सभी थाना प्रभारियों और सीओ के साथ बैठक कर निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए हैं:
* चिह्नित होंगे उपद्रवी छात्र: पुलिस हर संस्थान में जाकर ऐसे छात्रों की लिस्ट बनाएगी जो गुटबाजी या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। उनकी रिपोर्ट सीधे कॉलेज प्रबंधन को भेजी जाएगी ताकि उनका निष्कासन हो सके।
* संस्थानों की जिम्मेदारी: यदि किसी हॉस्टल, पीजी या कॉलेज में विवाद होता है और प्रबंधन पुलिस को सूचना नहीं देता, तो भविष्य में होने वाली किसी भी अनहोनी के लिए संस्थान के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
* नाइट चेकिंग अभियान: रात में अनावश्यक घूमने वाले छात्रों और संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ की जाएगी। ड्रंक एंड ड्राइव और ओवर-स्पीडिंग पर भी पैनी नजर रहेगी।
* होटल-ढाबा संचालकों पर गाज: यदि किसी रेस्टोरेंट या ढाबे पर छात्रों के बीच मारपीट होती है, तो संचालक की भूमिका की जांच होगी। बार-बार ऐसी घटना होने पर प्रतिष्ठान के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी गिरेगी गाज
एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी क्षेत्र में छात्रों के बीच विवाद की घटना होती है और उसमें स्थानीय पुलिस की ढिलाई या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित थाना प्रभारी (SO/SHO) की जवाबदेही तय की जाएगी।
एसएसपी का संदेश:
“शिक्षा के केंद्रों को अपराध का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जो छात्र पढ़ने के बजाय गुटबाजी और हिंसा में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनके करियर पर भी पूर्ण विराम लगाया जाएगा।”
