नारी सम्मान का महापर्व: मुख्यमंत्री धामी ने 1100 कन्याओं का किया पूजन, गिनाईं बेटियों के लिए सरकारी योजनाएं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर देहरादून के प्रेमनगर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने यहाँ 1100 कन्याओं का पूजन कर नारी शक्ति के सम्मान और उनके सशक्तिकरण का संदेश दिया।
यहाँ इस कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
नारी सम्मान का महापर्व: मुख्यमंत्री धामी ने 1100 कन्याओं का किया पूजन, गिनाईं बेटियों के लिए सरकारी योजनाएं
मंगलवार को देहरादून के प्रेमनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग कर न केवल प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं, बल्कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को भी दोहराया।
1. कन्या पूजन: आस्था और संस्कारों का संगम
मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि 1100 कन्याओं का एक साथ पूजन करना अत्यंत सौभाग्य की बात है।
* साक्षात देवी स्वरूप: सीएम ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों को देवी का रूप माना गया है। वे हमारे संस्कारों और परंपराओं की असली वाहक हैं।
* सामाजिक संकल्प: उन्होंने आह्वान किया कि समाज को हर बेटी की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए।
2. महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बेटियों के लिए चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख किया:
* शिक्षा और प्रोत्साहन: कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं पास करने पर प्रोत्साहन राशि और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति।
* रोजगार में आरक्षण: उत्तराखंड की बेटियों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) की ऐतिहासिक व्यवस्था।
* विवाह सहायता: पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह हेतु 61 हजार रुपये और व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये की मदद। इसके अलावा, SC/ST और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 50 हजार रुपये का अनुदान।
* प्रमुख योजनाएं: नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के जरिए जन्म से लेकर रोजगार तक मदद।
3. गुरुद्वारे में टेका माथा
धार्मिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारे में भी माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि नवरात्र आत्मशुद्धि और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने का अवसर है।
मुख्यमंत्री का संदेश: “कन्या पूजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। जब हर बेटी शिक्षित और सुरक्षित होगी, तभी हमारी पूजा सार्थक होगी।”
