ट्रंप ने सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया ‘निराशाजनक और अमेरिका विरोधी’
ट्रंप ने सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया ‘निराशाजनक और अमेरिका विरोधी’
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को चुनौती देते हुए बड़ा ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को घोषणा की कि वे सभी देशों (चीन, भारत, यूरोपीय संघ आदि) से आयात होने वाले सामानों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाएंगे। ये टैरिफ मौजूदा शुल्कों के ऊपर होंगे और अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “निराशाजनक, अमेरिका विरोधी और अमेरिकी वर्कर्स के खिलाफ” बताया, जहां कोर्ट ने उनके कई टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था।
ट्रंप का क्या कहा?
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है। मैं अमेरिका फर्स्ट की नीति पर अडिग हूं। ये 10% अतिरिक्त टैरिफ अमेरिकी नौकरियां बचाने और अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए जरूरी हैं। अगर कोर्ट हमें रोकना चाहता है, तो हम नए तरीके अपनाएंगे—कांग्रेस से विधेयक पास करवाकर या अन्य पावर का इस्तेमाल करके।” उन्होंने जोर दिया कि ये टैरिफ “अमेरिका को लूटने वाले” देशों पर केंद्रित होंगे, लेकिन सभी पर लागू होंगे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पृष्ठभूमि
ये ऐलान ठीक एक दिन बाद आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में ट्रंप के कई टैरिफ को गैरकानूनी बताया था। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना असीमित टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। ये मुकदमा चीन, भारत और अन्य देशों के आयात पर लगे शुल्कों को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा था। ट्रंप ने इसे “अमेरिका के दुश्मनों को फायदा पहुंचाने वाला” फैसला कहा।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं
चीन ने इसे “व्यापार युद्ध की वापसी” बताया और कहा कि जवाबी कार्रवाई करेंगे।
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा: “ये फैसला एकतरफा है। हम WTO में चुनौती देंगे और अपने निर्यातकों की रक्षा करेंगे।” भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर इसका असर पड़ सकता है।
यूरोपीय संघ ने इसे “अनुचित” करार दिया और कहा कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।
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अमेरिका में राजनीतिक बवाल
डेमोक्रेट्स ने ट्रंप के ऐलान को “संविधान का उल्लंघन” बताया, जबकि रिपब्लिकंस ने उनका समर्थन किया। ट्रंप ने कांग्रेस से नए विधेयक पास करवाने की अपील की। विशेषज्ञों का कहना है कि ये टैरिफ महंगाई बढ़ा सकते हैं और अमेरिकी उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाएंगे।
ये ऐलान ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वैश्विक व्यापार को फिर से अस्थिर कर सकता है। क्या ये भारत-अमेरिका संबंधों पर असर डालेगा? आपकी राय क्या है—कमेंट में बताएं!
