इजरायल में बड़ा राजनीतिक धमाका: नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड ने मिलाया हाथ, अक्टूबर चुनाव के लिए बनी “टुगेदर” पार्टी
इजरायल में बड़ा राजनीतिक धमाका: नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड ने मिलाया हाथ, अक्टूबर चुनाव के लिए बनी “टुगेदर” पार्टी
यरूशलेम/तेल अवीव: इजरायल की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) और यायर लैपिड (Yair Lapid) ने रविवार को अपनी पार्टियों का विलय कर एक नए राजनीतिक गठबंधन का एलान किया है। इस नई पार्टी का नाम “टुगेदर” (Together – हिब्रू में ‘Beyachad’) रखा गया है, जिसका एकमात्र लक्ष्य अक्टूबर 2026 के चुनावों में बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करना है।
नेतृत्व और मुख्य उद्देश्य
नेतृत्व: इस नई पार्टी की कमान नफ्ताली बेनेट के हाथों में होगी।
विलय: इसमें यायर लैपिड की ‘येश अतीद’ (Yesh Atid) और बेनेट की नई पार्टी ‘बेनेट 2026’ एक साथ आई हैं।
ऐतिहासिक कदम: बेनेट ने इसे “सबसे जायनिस्ट (Zionist) और देशभक्तिपूर्ण कदम” बताया है, जिसका उद्देश्य देश में चल रहे विभाजन के दौर को समाप्त करना है।
पार्टी का एजेंडा: क्या हैं प्रमुख वादे?
नई पार्टी “टुगेदर” ने सत्ता में आने पर कई बड़े बदलावों का रोडमैप पेश किया है:
7 अक्टूबर की जांच: हमास द्वारा किए गए 7 अक्टूबर के हमलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र राष्ट्रीय आयोग का गठन।
अनिवार्य सेना भर्ती: अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय सहित सभी के लिए समान रूप से सैन्य सेवा अनिवार्य करने का कानून।
कार्यकाल की सीमा: प्रधानमंत्री पद के लिए अधिकतम 8 साल की समय सीमा तय करना।
सामाजिक सुधार: सिविल मैरिज (नागरिक विवाह) और समलैंगिक अधिकारों को आगे बढ़ाना।
कठोर सुरक्षा नीति: बेनेट ने साफ किया कि वे इजरायल की एक सेंटीमीटर जमीन भी दुश्मन को नहीं देंगे।
गठबंधन की शर्तें और रणनीति
अरब पार्टियों से दूरी: बेनेट ने स्पष्ट कर दिया है कि यह पार्टी केवल जायनिस्ट विपक्षी पार्टियों के साथ गठबंधन करेगी और सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों का समर्थन नहीं लेगी।
विपक्ष को न्योता: दोनों नेताओं ने गादी आइजेनकोट (यशायार पार्टी) को भी इस गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया है, ताकि ‘रिपेयर ब्लॉक’ (देश सुधार ब्लॉक) को और मजबूत किया जा सके।
लैपिड की अपील: “चुनाव जीतने के लिए इजरायल के उदारवादी और मध्यमार्गी (Center) मतदाताओं को नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व में एकजुट होना होगा। हमने हंगरी के उदाहरण से सीखा है कि एक एकजुट विपक्ष ही सत्ता परिवर्तन ला सकता है।”
चुनावी समीकरण: नेतन्याहू बनाम बेनेट
इजरायली मीडिया के हालिया सर्वे बताते हैं कि बेनेट की लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ है और वे सीधे तौर पर नेतन्याहू की ‘लिकुड पार्टी’ को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। हालांकि नेतन्याहू समर्थकों ने इस गठबंधन को ‘विफल प्रयोग’ बताते हुए आलोचना की है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह विलय विपक्षी वोटों के बिखराव को रोकेगा, जिससे अक्टूबर के चुनाव बेहद दिलचस्प हो जाएंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय डेस्क
