Monday, April 27, 2026
राष्ट्रीय

लद्दाख में प्रशासनिक क्रांति: उपराज्यपाल ने दी 5 नए जिलों के गठन को मंजूरी, अब 2 के बजाय होंगे 7 जिले

लद्दाख में प्रशासनिक क्रांति: उपराज्यपाल ने दी 5 नए जिलों के गठन को मंजूरी, अब 2 के बजाय होंगे 7 जिले

​लेह: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने प्रदेश में पांच नए जिलों के गठन की आधिकारिक अधिसूचना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही अब लद्दाख में जिलों की कुल संख्या बढ़कर सात हो जाएगी। अब तक लद्दाख में केवल दो जिले— लेह और कारगिल ही थे।

​लद्दाख के ये होंगे 5 नए जिले

​लंबे समय से स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों द्वारा की जा रही मांग को पूरा करते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित क्षेत्रों को जिला घोषित किया है:

​नुब्रा (Nubra)

​शाम (Sham)

​चांगथांग (Changthang)

​जांस्कर (Zanskar)

​द्रास (Drass)

​PM मोदी और गृह मंत्रालय का विजन

​उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस निर्णय को साझा करते हुए इसे लद्दाख के लिए “ऐतिहासिक दिन” बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:

​लंबे समय की मांग पूरी: “नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास के गठन के साथ लद्दाख के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो रही हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित और समृद्ध लद्दाख’ के विजन की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

​प्रशासनिक विकेंद्रीकरण: उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय से शासन जमीनी स्तर पर मजबूत होगा और प्रशासन का विकेंद्रीकरण होगा।

​आम जनता को क्या होगा फायदा?

​नए जिलों के गठन से लद्दाख के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है:

​त्वरित सेवाएं: अब नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय कर लेह या कारगिल नहीं जाना होगा। सरकारी सेवाएं उनके घर के करीब होंगी।

​विकास और रोजगार: एलजी ने कहा कि नए प्रशासनिक ढांचे से विकास की गति तेज होगी और क्षेत्र में रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।

​सुरक्षा और बुनियादी ढांचा: दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन की सीधी पहुंच होने से बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, पानी) का तेजी से विस्तार होगा।

​2024 से 2026 तक का सफर

​गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने इन जिलों के गठन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी अगस्त 2024 में दी थी। विस्तृत योजना और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अब अप्रैल 2026 में इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

​उपराज्यपाल का संदेश: “हम लद्दाख के प्रत्येक नागरिक को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह निर्णय प्रशासन को नागरिकों के करीब लाएगा और हम सब मिलकर एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ेंगे।”

​इस फैसले के बाद पूरे लद्दाख क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विशेष रूप से जांस्कर और द्रास जैसे क्षेत्रों के लोग, जो दशकों से जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे, इसे अपनी बड़ी जीत मान रहे हैं।

​ब्यूरो रिपोर्ट, लेह (लद्दाख)

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