उत्तर भारत में ‘हीटवेव’ का तांडव: केंद्र सरकार ने जारी की सख्त हेल्थ एडवाइजरी, जानें कैसे बचें ‘हीट डोम’ के खतरे से
उत्तर भारत में ‘हीटवेव’ का तांडव: केंद्र सरकार ने जारी की सख्त हेल्थ एडवाइजरी, जानें कैसे बचें ‘हीट डोम’ के खतरे से
नई दिल्ली: उत्तर भारत के बड़े हिस्से में सूरज की तपिश अब जानलेवा होने लगी है। दिल्ली, यूपी और राजस्थान सहित कई राज्यों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशव्यापी हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस बार ‘हीट डोम’ (Heat Dome) के कारण तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है, जो मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक है।
केंद्र सरकार की एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ NCDC ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
दोपहर में बाहर जाने से बचें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तीखी होती है, तब बाहर निकलने से परहेज करें।
तरल पदार्थों का सेवन: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू पानी और फलों के जूस का सेवन करें।
इनसे बनाएं दूरी: शराब, चाय, कॉफी और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर को जल्दी डिहाइड्रेट (पानी की कमी) करते हैं।
पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा, छाता और टोपी का प्रयोग करें।
मजदूरों और कार्यस्थलों के लिए विशेष नियम
भीषण गर्मी में बाहर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने निर्माण कंपनियों और फैक्ट्रियों को निर्देश दिए हैं:
कार्यस्थल पर ठंडे पानी और प्राथमिक चिकित्सा की अनिवार्य व्यवस्था हो।
काम के बीच में नियमित अंतराल पर छायादार स्थान पर आराम दिया जाए।
जरूरत पड़ने पर काम की गति धीमी की जाए या अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती हो।
हीट डोम (Heat Dome) का खतरा
सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एम वली ने बताया कि इस बार बड़े शहरों और ऊंची इमारतों वाले क्षेत्रों में ‘हीट डोम’ की स्थिति बन रही है। यह वह स्थिति है जब वायुमंडल गर्म हवा को एक ढक्कन की तरह नीचे ही रोक लेता है, जिससे तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में हीट स्ट्रोक और मांसपेशियों में ऐंठन (Heat Cramps) का खतरा दोगुना हो जाता है।
अस्पतालों में युद्धस्तर पर तैयारी
राजधानी दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों ने गर्मी से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं:
RML अस्पताल: यहां विशेष ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ शुरू किया गया है। वार्ड के इंचार्ज डॉ. अजय चौहान ने बताया कि मरीजों के तापमान को तुरंत कम करने के लिए पानी के बड़े टब और कूलिंग बेड की व्यवस्था की गई है।
GTB अस्पताल: डॉ. मनीष अग्रवाल के अनुसार, फिलहाल डिहाइड्रेशन के मामले कम हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है, जिसके लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है।
यूपी और राजस्थान मॉडल की चर्चा
केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मॉडलों की सराहना की है। इन राज्यों ने ग्राम पंचायत स्तर पर ‘कूलिंग सेंटर’ और ओआरएस काउंटर बनाकर हीटवेव से होने वाली मौतों को कम किया है। केंद्र ने अन्य राज्यों को भी इसी तर्ज पर काम करने की सलाह दी है।
डॉक्टर की सलाह: “गर्मी में भोजन जल्दी खराब होता है, इसलिए ताज़ा खाना ही खाएं। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो इसे मामूली थकान न समझें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।”
ब्यूरो रिपोर्ट, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण डेस्क
