आईपीएल में ‘2 गेंदें वेस्ट हाइट से ऊपर’ फिर भी ओवर जारी रहा: नियम क्या कहते हैं?
आईपीएल में ‘2 गेंदें वेस्ट हाइट से ऊपर’ फिर भी ओवर जारी रहा: नियम क्या कहते हैं?
नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2026: आईपीएल 2026 सीजन में एक बार फिर वेस्ट हाइट (waist-high) नो-बॉल को लेकर चर्चा छिड़ गई है। कई मैचों में गेंदबाज ने दो गेंदें बल्लेबाज की कमर से ऊपर फेंकीं, फिर भी ओवर जारी रहा और गेंदबाज को आगे गेंदबाजी करने दिया गया। दर्शक और विशेषज्ञ हैरान कि आखिर नियम क्या कहता है?
आईपीएल और MCC नियमों के अनुसार स्पष्टीकरण
आईपीएल 2026 मैच प्लेइंग कंडीशंस (जो ICC/MCC लॉज पर आधारित हैं) के अनुसार:
वेस्ट हाइट फुल टॉस (Non-pitching delivery above waist height): कोई भी गेंद जो पिच पर बाउंस न करे और बल्लेबाज के खड़े रहने पर (upright stance at popping crease) उसकी कमर की ऊंचाई से ऊपर जाए, उसे नो-बॉल माना जाता है। इससे बल्लेबाज को 1 एक्स्ट्रा रन मिलता है और फ्री हिट भी मिल सकती है।
ओवर कैसे पूरा होता है?
नो-बॉल या वाइड डिलीवरी ओवर में गिनी नहीं जाती। ओवर तभी पूरा माना जाता है जब 6 वैलिड (लीगल) गेंदें गेंदबाजी हो जाएं। इसलिए कितनी भी नो-बॉल या वाइड हो जाएं, गेंदबाज को तब तक गेंदबाजी करनी पड़ती है जब तक 6 लीगल गेंदें न हो जाएं।
खतरे (Dangerous) vs अनफेयर डिलीवरी:
सभी वेस्ट हाइट फुल टॉस को अनफेयर (unfair) माना जाता है और नो-बॉल दिया जाता है। लेकिन गेंदबाज को सस्पेंड (attack से हटाया जाना) तभी होता है जब अंपायर इसे dangerous माने।
Dangerous मानने के लिए अंपायर देखते हैं: गेंद की स्पीड, ऊंचाई, दिशा (bodyline या दूर?), बल्लेबाज की स्किल और दोहराव।
अगर गेंद बल्लेबाज से काफी दूर (well wide of bodyline) जाती है, तो अक्सर इसे सिर्फ नो-बॉल माना जाता है, warning नहीं दी जाती।
पहली dangerous डिलीवरी पर warning, दूसरी पर bowler को innings बाकी रहते attack से हटा दिया जाता है।
इसलिए अगर दो गेंदें वेस्ट हाइट से ऊपर थीं लेकिन अंपायर ने उन्हें dangerous नहीं माना (खासकर अगर वे body से दूर थीं), तो bowler को warning नहीं मिली और ओवर जारी रहा।
उदाहरण (पिछले सीजन्स से)
IPL 2025 में हर्षल पटेल ने दो वेस्ट हाइट नो-बॉल फेंकीं, लेकिन एक bodyline के करीब थी तो दूसरी दूर — bowler को जारी रखा गया।
जसप्रीत बुमराह जैसे मामलों में भी अगर गेंदें दूर जाती रहीं तो कोई सस्पेंशन नहीं हुआ।
महत्वपूर्ण बातें
नो-बॉल हमेशा वाइड पर हावी रहता है (No ball overrides wide)।
DRS में अब वेस्ट हाइट नो-बॉल और कुछ वाइड्स की रिव्यू संभव है (Hawk-Eye/टेक्नोलॉजी से हाइट चेक)।
IPL में फास्ट बॉलर को एक ओवर में दो शॉर्ट-पिच्ड डिलीवरी (bouncers) की अनुमति है, तीसरी नो-बॉल।
संक्षेप में: दो वेस्ट हाइट गेंदें नो-बॉल हैं, लेकिन अगर वे dangerous नहीं मानी गईं तो bowler को warning नहीं मिलती और ओवर तब तक चलता रहता है जब तक 6 लीगल गेंदें न हो जाएं। यही कारण है कि ओवर जारी रहा।
यह नियम खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की निष्पक्षता दोनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन अंपायर की व्याख्या पर काफी निर्भर करता है।
क्या आपको लगता है कि वेस्ट हाइट नो-बॉल पर नियम और सख्त होने चाहिए? या अंपायर की डिस्क्रिशन ठीक है? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं!
