टोल प्लाजा को कहें अलविदा! अब FASTag और AI की जुगलबंदी से ‘नॉन-स्टॉप’ दौड़ेंगी गाड़ियाँ, जानें सरकार का नया मास्टरप्लान
टोल प्लाजा को कहें अलविदा! अब FASTag और AI की जुगलबंदी से ‘नॉन-स्टॉप’ दौड़ेंगी गाड़ियाँ, जानें सरकार का नया मास्टरप्लान
नई दिल्ली: नेशनल हाइवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के टोल सिस्टम को पूरी तरह बदलने का ऐलान कर दिया है। दिसंबर 2026 तक भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों से पुराने टोल बूथ और बैरियर पूरी तरह हटा दिए जाएंगे। इनकी जगह लेगा एक हाई-टेक AI और सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम।
क्या है सरकार का ‘जीरो वेटिंग’ प्लान?
सरकार का लक्ष्य है कि टोल प्लाजा पर गाड़ियों की वेटिंग टाइम को ‘जीरो मिनट’ कर दिया जाए। इसके लिए दो बड़ी तकनीकों को जोड़ा जा रहा है:
ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन): टोल बूथ की जगह अब सड़कों के ऊपर हाई-परफॉर्मेंस AI कैमरे लगे होंगे। जैसे ही आपकी गाड़ी वहां से गुजरेगी, ये कैमरे 80 किमी/घंटा की रफ्तार में भी आपकी नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे।
GNSS (ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम): अब टोल टैक्स ‘फिक्स्ड’ नहीं बल्कि ‘डिस्टेंस-बेस्ड’ (जितनी सड़क, उतना टैक्स) होगा। सैटेलाइट के जरिए आपकी गाड़ी की एंट्री और एग्जिट ट्रैक होगी और तय दूरी के हिसाब से पैसे आपके खाते से कट जाएंगे।
FASTag का क्या होगा?
कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या FASTag बंद हो जाएगा? इसका जवाब है— नहीं, बल्कि यह और स्मार्ट हो जाएगा।
नया सिस्टम FASTag और AI कैमरों का एक मिला-जुला रूप (Hybrid Model) होगा। अगर सैटेलाइट सिस्टम में कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो FASTag के जरिए पहचान और भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
आम जनता और देश को क्या होंगे फायदे?
सरकार के इस फैसले से केवल समय ही नहीं, बल्कि भारी पैसा भी बचेगा:
ईंधन की बचत: टोल पर रुकने और फिर स्टार्ट होने में जो तेल जलता है, उससे सालाना करीब ₹1,500 करोड़ की बचत होगी।
बढ़ता राजस्व: बिना रुके टोल कटने और चोरी रुकने से सरकारी खजाने में ₹6,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व आने की उम्मीद है।
प्रदूषण में कमी: कतारें खत्म होने से गाड़ियों का धुआं कम होगा, जिससे पर्यावरण को राहत मिलेगी।
नितिन गडकरी का बयान: “हमारा उद्देश्य भारतीय राजमार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। 2026 के अंत तक, देश में एक भी ऐसा टोल नहीं होगा जहाँ आपको अपनी गाड़ी रोकनी पड़े।”
कैश पेमेंट पर ‘नो एंट्री’
सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि अप्रैल 2026 से टोल पर कैश ट्रांजेक्शन को पूरी तरह बंद किया जा सकता है। अभी कैश देने पर दोगुना टोल लगता है, लेकिन भविष्य में केवल डिजिटल (FASTag/UPI/Satellite) भुगतान ही मान्य होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्क
