लाइफ स्टाइल

अलार्म बेल: कम उम्र की महिलाओं को गिरफ्त में ले रहा है ब्रेस्ट कैंसर, एक्सपर्ट्स ने लाइफस्टाइल को ठहराया जिम्मेदार

अलार्म बेल: कम उम्र की महिलाओं को गिरफ्त में ले रहा है ब्रेस्ट कैंसर, एक्सपर्ट्स ने लाइफस्टाइल को ठहराया जिम्मेदार

​नई दिल्ली: स्वास्थ्य जगत से एक डराने वाली खबर सामने आ रही है। हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के आंकड़ों के अनुसार, भारत सहित दुनिया भर में ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के मामले न केवल बढ़ रहे हैं, बल्कि अब यह कम उम्र की लड़कियों और युवतियों को भी तेजी से अपना शिकार बना रहा है। जो बीमारी पहले 50 साल की उम्र के बाद देखी जाती थी, अब उसके मामले 20 से 30 साल की उम्र में भी बहुतायत में मिल रहे हैं।

​क्यों बढ़ रहे हैं मामले? एक्सपर्ट्स की बड़ी चेतावनी

​कैंसर विशेषज्ञों (Oncologists) ने इस खतरनाक ट्रेंड के पीछे कुछ प्रमुख और चौंकाने वाले कारण बताए हैं:

​बिगड़ती लाइफस्टाइल और खान-पान: जंक फूड का अधिक सेवन, प्रोसेस्ड शुगर और मोटापे को ब्रेस्ट कैंसर का सबसे बड़ा दुश्मन माना जा रहा है। शरीर में फैट बढ़ने से एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा देता है।

​शारीरिक सक्रियता की कमी: घंटों एक जगह बैठकर काम करना और व्यायाम न करना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर रहा है।

​देर से शादी और मातृत्व: एक्सपर्ट्स के अनुसार, देर से शादी करना, 30 की उम्र के बाद पहला बच्चा होना और ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) न कराना भी रिस्क फैक्टर को बढ़ा रहा है।

​प्रदूषण और प्लास्टिक का इस्तेमाल: पर्यावरण में मौजूद टॉक्सिन्स और प्लास्टिक के बर्तनों में गर्म खाना खाने से निकलने वाले केमिकल ‘एंडोक्राइन डिस्रप्टर्स’ की तरह काम करते हैं, जो हार्मोनल संतुलन बिगाड़ देते हैं।

​तनाव और नींद की कमी: लंबे समय तक मानसिक तनाव और अनियमित स्लीप साइकिल शरीर की सेल्स रिपेयरिंग प्रक्रिया को बाधित करती है।

​क्या हैं शुरुआती लक्षण? (इन्हें नजरअंदाज न करें)

​डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती पहचान ही बचाव है। यदि ये लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं:

​स्तन या अंडरआर्म्स में किसी भी तरह की गांठ (Lump) महसूस होना।

​स्तन के आकार या त्वचा की बनावट में बदलाव।

​निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज होना।

​लगातार रहने वाला दर्द या सूजन।

​डॉक्टर की सलाह: “महिलाओं को 20 साल की उम्र के बाद से ही हर महीने ‘Self-Breast Examination’ करना चाहिए। यदि परिवार में पहले किसी को कैंसर रहा हो, तो जेनेटिक स्क्रीनिंग और नियमित मैमोग्राफी को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें।”

​बचाव के उपाय: आज से ही बदलें अपनी आदतें

​विशेषज्ञों ने इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए ‘एक्टिव लाइफस्टाइल’ अपनाने पर जोर दिया है। दिन में कम से कम 30 मिनट की सैर, हरी सब्जियों का सेवन, शराब और धूम्रपान से दूरी और वजन पर नियंत्रण रखकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

​ब्यूरो रिपोर्ट, हेल्थ एंड वेलनेस डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *