‘ट्रंप का टैरिफ गैरकानूनी’, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति को बड़ा झटका: वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल की आशंका
‘ट्रंप का टैरिफ गैरकानूनी’, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति को बड़ा झटका: वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल की आशंका
वाशिंगटन: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी को करारा झटका दिया है। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए कई टैरिफ (आयात शुल्क) असंवैधानिक और गैरकानूनी हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना दुनिया के देशों पर टैरिफ लगाने का असीमित अधिकार नहीं है। ये फैसला ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल मच सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
6-3 के बहुमत से आए फैसले में जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1962 और इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का दुरुपयोग किया।
कोर्ट ने जोर दिया कि टैरिफ लगाना कांग्रेस का विशेषाधिकार है, और राष्ट्रपति इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर असीमित रूप से इस्तेमाल नहीं कर सकते।
ये मुकदमा चीन, मैक्सिको, भारत और कई यूरोपीय देशों पर लगाए गए स्टील, एल्युमिनियम और अन्य आयातों पर टैरिफ को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा था।
फैसले में कहा गया: “ट्रंप का दुनिया के देशों पर बिना पर्याप्त आधार के टैरिफ लगाना संवैधानिक संतुलन का उल्लंघन है। इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है।”
ट्रंप की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति ट्रंप ने फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्होंने कहा: “ये फैसला अमेरिका के दुश्मनों को फायदा पहुंचाएगा। मैं अमेरिकी वर्कर्स की रक्षा के लिए लड़ता रहूंगा—चाहे कोर्ट हो या कांग्रेस!” ट्रंप प्रशासन ने अपील करने या नए विधेयक लाने की बात कही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये प्रक्रिया लंबी चलेगी।
वैश्विक असर
चीन और भारत जैसे देशों ने फैसले का स्वागत किया है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा: “ये न्यायपूर्ण फैसला है, जो WTO नियमों को मजबूत करेगा।”
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर: टैरिफ से महंगाई बढ़ी थी, अब इनके हटने से कीमतें कम हो सकती हैं, लेकिन अमेरिकी स्टील इंडस्ट्री प्रभावित होगी।
स्टॉक मार्केट में गिरावट: फैसले के बाद डाउ जोन्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई।
पृष्ठभूमि
ट्रंप ने 2025 में दोबारा सत्ता में आने के बाद पुरानी नीतियों को तेज किया था, जिसमें कई देशों पर 25-50% टैरिफ लगाए गए थे। ये टैरिफ अमेरिकी स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बचाने के नाम पर थे, लेकिन कई कंपनियों (जैसे Apple, Ford) ने इसका विरोध किया था। अब ये फैसला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी हार माना जा रहा है।
क्या ये फैसला वैश्विक व्यापार युद्ध खत्म करेगा या नई चुनौतियां लाएगा? आप क्या सोचते हैं—ट्रंप की नीति सही थी या कोर्ट का फैसला? कमेंट में बताएं!
