कन्नड़ फिल्म के अश्लील गीत पर विवाद: संजय दत्त महिला आयोग के समक्ष पेश, मांगी माफी; 50 बालिकाओं की शिक्षा का लेंगे जिम्मा
कन्नड़ फिल्म के अश्लील गीत पर विवाद: संजय दत्त महिला आयोग के समक्ष पेश, मांगी माफी; 50 बालिकाओं की शिक्षा का लेंगे जिम्मा
कन्नड़ पैन-इंडिया फिल्म के चर्चित गीत ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इस गीत में महिलाओं के कथित अश्लील और अभद्र चित्रण के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश हुए। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई इस सुनवाई के दौरान अभिनेता ने अपनी भूमिका पर स्पष्टीकरण दिया और लिखित माफीनामा प्रस्तुत किया।
अनजाने में हुई गलती के लिए जताया खेद
संजय दत्त ने आयोग को सौंपे अपने लिखित बयान में कहा कि समाज को अनजाने में पहुंची किसी भी ठेस के लिए उन्हें गहरा खेद है। उन्होंने रचनात्मक सामग्री में महिलाओं के गरिमापूर्ण और जिम्मेदाराना चित्रण के महत्व को स्वीकार किया। आयोग ने अभिनेता से तीखे सवाल पूछते हुए यह जानना चाहा कि क्या एक वरिष्ठ कलाकार होने के नाते उन्होंने इस कंटेंट का हिस्सा बनने से पहले पर्याप्त जांच-पड़ताल की थी?
सुधारात्मक कदम: 50 आदिवासी बालिकाओं को पढ़ाएंगे ‘संजू बाबा’
महिला आयोग के समक्ष केवल माफी तक ही बात सीमित नहीं रही। सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सुधारात्मक कदम उठाते हुए संजय दत्त ने 50 आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा का खर्च उठाने की प्रतिबद्धता जताई।
इसके साथ ही, उन्होंने आयोग को आश्वासन दिया कि भविष्य में उनके सभी कानूनी अनुबंधों (Contracts) में एक अनिवार्य क्लॉज शामिल होगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि उनकी फिल्मों या रचनात्मक परियोजनाओं में महिलाओं और बच्चों का चित्रण गरिमापूर्ण और कानूनी मानकों के भीतर हो।
नोरा फतेही नहीं हुईं पेश, मांगा समय
इस मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही को भी सोमवार को तलब किया गया था। हालांकि, वह देश से बाहर होने के कारण आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हो सकीं। उन्होंने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से देश वापसी के बाद की किसी अन्य तारीख का अनुरोध किया है।
कलात्मक स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही जरूरी: NCW
इससे पहले 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में फिल्म के निर्देशक किरण कुमार उर्फ प्रेम, गीतकार रकीब आलम और केवीएन प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि भी माफी मांग चुके हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि:
”कलात्मक स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका प्रयोग महिलाओं की गरिमा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए। प्रभावशाली हस्तियों की यह जिम्मेदारी है कि वे समाज में गलत संदेश न फैलाएं।”
उल्लेखनीय है कि विवाद बढ़ने के बाद इस गाने के हिंदी वर्जन को पहले ही यूट्यूब से हटाया जा चुका है, लेकिन कानूनी और सामाजिक स्तर पर कलाकारों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है।
