भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न; 100% भारतीय निर्यात होगा टैरिफ-मुक्त
भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न; 100% भारतीय निर्यात होगा टैरिफ-मुक्त
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। सोमवार को दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर मुहर लगाई गई।
भारतीय उद्योगों के लिए ‘जीरो-टैरिफ’ का तोहफा
इस समझौते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह न्यूजीलैंड के बाजार में भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को टैरिफ-मुक्त पहुंच प्रदान करेगा। इससे पहले न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों जैसे सिरेमिक, कालीन और ऑटो पार्ट्स पर 10% तक का शुल्क वसूलता था। अब टैरिफ हटने से निम्नलिखित क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा:
वस्त्र और परिधान
रत्न एवं आभूषण
चमड़ा और फुटवियर
इंजीनियरिंग सामान और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र
20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता
समझौते में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को सुगम बनाने का संकल्प लिया गया है। खास बात यह है कि इसमें एक ‘रीबैलेंसिंग क्लॉज’ (संतुलन उपबंध) जोड़ा गया है, जो निवेश लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में सुरक्षा कवच का काम करेगा। वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार 2.4 अरब डॉलर रहा था, जिसके अब तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड के उत्पादों को क्या मिला?
भारत ने अपने 70.03 प्रतिशत शुल्क श्रेणियों पर रियायत देने की पेशकश की है। न्यूजीलैंड की वाइन, दवाएं, पॉलिमर और एल्युमिनियम जैसे उत्पादों को शुल्क में छूट मिलेगी। वहीं, मनुका शहद, सेब और कीवी जैसे उत्पादों के लिए ‘शुल्क दर कोटा’ तय किया गया है। भारत को कच्चे माल के रूप में लकड़ी के लट्ठे और कोकिंग कोयला शुल्क-मुक्त मिलेंगे, जिससे घरेलू विनिर्माण लागत में कमी आएगी।
डेयरी और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा बरकरार
भारतीय किसानों और स्थानीय उद्योगों के हितों की रक्षा करते हुए सरकार ने 29.97 प्रतिशत श्रेणियों को इस समझौते से बाहर रखा है। इन पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। संवेदनशील उत्पादों की सूची में शामिल हैं:
डेयरी उत्पाद: दूध, क्रीम, पनीर आदि।
कृषि उत्पाद: प्याज, चना, मक्का, बादाम और चीनी।
अन्य: हथियार, गोला-बारूद और कुछ विशेष धातुएं।
चरणबद्ध तरीके से घटेगा शुल्क
भारत ने तय किया है कि जहाँ 30% उत्पादों पर शुल्क तत्काल समाप्त होगा, वहीं पेट्रोलियम तेल और मशीनरी जैसे 35.60 प्रतिशत उत्पादों पर सीमा शुल्क को अगले 3, 5, 7 और 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल निर्यातकों के लिए नए द्वार खोलेगा, बल्कि भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chain) में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
