हरिद्वार पुलिस की बड़ी कामयाबी: अपहरण के 4 घंटे के भीतर सकुशल बरामद की गई 2 वर्षीय बच्ची
हरिद्वार पुलिस की बड़ी कामयाबी: अपहरण के 4 घंटे के भीतर सकुशल बरामद की गई 2 वर्षीय बच्ची
हरिद्वार। धर्मनगरी में पुलिस की सक्रियता और घेराबंदी के चलते एक मासूम बच्ची को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मात्र चार घंटे में छुड़ा लिया गया। रात के अंधेरे में मां के पास से चोरी की गई बच्ची को आरोपी पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण ऋषिकुल तिराहे पर छोड़कर फरार हो गया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मायापुर चौकी में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
घटना का विवरण: फुटपाथ से चोरी हुई थी मासूम
एसएसपी के अनुसार, बीती रात तुलसी चौक स्थित फुटपाथ पर एक महिला अपनी दो साल की बच्ची के साथ सो रही थी। तभी एक अज्ञात युवक ने मौका पाकर बच्ची को उठा लिया और फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की गई।
5 टीमें और 50 CCTV कैमरों का जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने नगर कोतवाली पुलिस सहित 5 संयुक्त टीमों का गठन किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
* सघन चेकिंग: शहर के संवेदनशील इलाकों, बॉर्डर्स, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी शुरू की गई।
* CCTV फुटेज: टीमों ने आसपास के लगभग 50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। देवपुरा चौक के पास लगे कैमरे में आरोपी बच्ची को ले जाता हुआ दिखाई दिया।
* घेराबंदी: डिजिटल और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए आरोपी का पीछा किया गया, जिससे उसे शहर से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
पुलिस के डर से बच्ची को छोड़ भागा आरोपी
चारों तरफ से घिरता देख अपहरणकर्ता घबरा गया और बच्ची को ऋषिकुल चौक बस स्टॉप के पास लावारिस हालत में छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया और फिर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्ची को वापस पाकर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
आरोपी की पहचान हुई, जल्द होगी गिरफ्तारी
एसएसपी ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस अब पुराने बच्चा चोर गिरोहों की भी कुंडली खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।
मुख्य बिंदु:
* बरामदगी का समय: मात्र 4 घंटे।
* पुलिस बल: 5 विशेष टीमें।
* तकनीकी सहायता: 50 सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण।
