राष्ट्रीय

तुर्कमान गेट बुलडोजर एक्शन: पथराव की साजिश का खुलासा, उकसावे वाला वीडियो वायरल, पुलिस ने 5 गिरफ्तार किए

तुर्कमान गेट बुलडोजर एक्शन: पथराव की साजिश का खुलासा, उकसावे वाला वीडियो वायरल, पुलिस ने 5 गिरफ्तार किए

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की MCD कार्रवाई के दौरान हुई पथराव की घटना में साजिश का एंगल सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला कि पथराव पहले से प्लान्ड था – सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो और वीडियो में लोगों को उकसाया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 10 अन्य को हिरासत में लिया गया। FIR दर्ज कर CCTV और बॉडी कैमरा फुटेज से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

दिल्ली हाईकोर्ट के सख्त निर्देश पर MCD ने मंगलवार देर रात करीब 1 बजे से कार्रवाई शुरू की। रामलीला मैदान के पास मस्जिद से सटे अवैध निर्माण – जैसे बैंक्वेट हॉल, डायग्नोस्टिक सेंटर और दुकानें – को 17 से 30 बुलडोजरों की मदद से ध्वस्त किया गया। करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाया गया। मस्जिद खुद पूरी तरह सुरक्षित रही, सिर्फ उसके आसपास के अवैध ढांचे गिराए गए।

कार्रवाई शुरू होते ही 25-30 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति काबू की। जॉइंट CP मधुर वर्मा ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन न्यूनतम बल प्रयोग से हालात सामान्य कर दिए गए। डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि ज्यादातर उपद्रवी बाहरी थे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पथराव की साजिश पहले से रची गई थी। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति लोगों को उकसाते हुए सुनाई दे रहा है। NDTV और आज तक की रिपोर्ट्स में यह साफ है कि अंधेरे में मोबाइल लाइट जलाकर भीड़ जुटाई गई। कुछ रिपोर्ट्स में दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी आतंकी उमर का मस्जिद से कनेक्शन भी जोड़ा जा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे ‘मस्जिद तोड़ने की साजिश’ बताया, जबकि दिल्ली गृह मंत्री अशिश सूद ने पथराव को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। RJD सांसद मनोज झा ने ठंड में कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए।

इलाका अभी तनावपूर्ण है, लेकिन पुलिस का दावा है कि स्थिति पूरी तरह काबू में है। यह कार्रवाई पुरानी दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी मुहिम का हिस्सा है – क्या यह साजिश शहर में दंगे भड़काने की थी या सिर्फ स्थानीय विरोध, जांच से साफ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *