देश पहले, असाइनमेंट बाद में: रिद्धिमा पाठक ने BPL को कहा अलविदा, भारत-बांग्लादेश क्रिकेट तनाव में नया मोड़
देश पहले, असाइनमेंट बाद में: रिद्धिमा पाठक ने BPL को कहा अलविदा, भारत-बांग्लादेश क्रिकेट तनाव में नया मोड़
नई दिल्ली/ढाका, 7 जनवरी 2026: भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट संबंधों में चल रहे तनाव के बीच भारतीय स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक सुर्खियों में हैं। उन्होंने चल रही बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL 2026) के होस्टिंग पैनल से खुद को बाहर करने का फैसला लिया है। कुछ बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने उन्हें हटा दिया, लेकिन रिद्धिमा ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि यह उनका निजी फैसला था – “मेरे लिए मेरा देश सबसे पहले, हमेशा।”
रिद्धिमा पाठक झारखंड के रांची में 17 फरवरी 1990 को पैदा हुईं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मीडिया की दुनिया में कदम रखा। पुणे यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने के बाद रेडियो मिर्ची में आरजे के तौर पर करियर शुरू किया। इसके बाद वे स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में आईं और Star Sports, Sony Sports जैसे बड़े चैनलों के लिए क्रिकेट शोज होस्ट किए। वे मॉडल, एक्टर और वॉइस आर्टिस्ट भी हैं, जिनकी कॉन्फिडेंट प्रेजेंटेशन स्टाइल फैंस को पसंद आती है।
इस विवाद की जड़ भारत-बांग्लादेश क्रिकेट तनाव में है। BCCI के निर्देश पर KKR ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 से रिलीज कर दिया, जिसके जवाब में बांग्लादेश ने IPL ब्रॉडकास्ट बैन कर दिया और T20 वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर शिफ्ट करने की मांग की (जिसे ICC ने ठुकरा दिया)। इसी माहौल में BPL के ढाका लेग के लिए रिद्धिमा को होस्ट करना था, लेकिन उन्होंने खुद को अलग कर लिया।
इंस्टाग्राम पर रिद्धिमा ने लिखा, “यह सच नहीं है कि मुझे हटाया गया। मैंने खुद बाहर होने का फैसला किया। मेरे लिए राष्ट्र सबसे ऊपर है – हमेशा। और मैं क्रिकेट को किसी एक असाइनमेंट से कहीं ज्यादा महत्व देती हूं। सालों से मैंने इस खेल की ईमानदारी, सम्मान और जुनून के साथ सेवा की है। क्रिकेट सच का हकदार है।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देशभक्ति के लिए सराहना मिल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दोनों देशों के बीच खेल संबंधों की गिरती सूरत को दिखाती है। BPL में पाकिस्तानी प्रेजेंटर जैनब अब्बास समेत अन्य कमेंटेटर्स जारी हैं, लेकिन भारतीय भागीदारी पर सवाल उठ रहे हैं। रिद्धिमा का फैसला कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है – क्या यह क्रिकेट से ऊपर देशभक्ति की मिसाल है या खेल की राजनीति का शिकार, बहस जारी है।
BPL का टूर्नामेंट चल रहा है, लेकिन यह विवाद दोनों बोर्ड्स के रिश्तों पर लंबा असर डाल सकता है। रिद्धिमा आगे भी क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग में सक्रिय रहेंगी, यह तय है।
