दिल्ली विधानसभा में भारी हंगामा: गुरु तेग बहादुर जी के कथित अपमान पर BJP का जोरदार विरोध
दिल्ली विधानसभा में भारी हंगामा: गुरु तेग बहादुर जी के कथित अपमान पर BJP का जोरदार विरोध
नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज सदन में उस समय भारी हंगामा हो गया जब सत्तापक्ष भाजपा के विधायकों ने विपक्ष की नेता और AAP की वरिष्ठ नेता आतिशी पर नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के अपमान का गंभीर आरोप लगाया। भाजपा विधायकों ने सदन के वेल में उतरकर नारे लगाए, पोस्टर दिखाए और फर्श पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः पूरे दिन के लिए टाल दी गई।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350वें वर्ष पर विशेष चर्चा के दौरान आतिशी द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अभद्र और असंवेदनशील भाषा को भाजपा ने गुरुओं का अपमान बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब सदन गुरु जी की शहादत और बलिदान पर चर्चा कर रहा था, तब आतिशी ने प्रदूषण जैसे मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए ऐसी टिप्पणी की जो सिख समाज की भावनाओं को आहत करने वाली थी।
भाजपा के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा, परवेश वर्मा सहित कई विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध दर्ज कराया। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “गुरु जी की चर्चा के दौरान आतिशी का व्यवहार और शब्द बेहद शर्मनाक थे। यह सिख गुरुओं का सीधा अपमान है।” कपिल मिश्रा ने आतिशी से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कहा कि सिर्फ माफी काफी नहीं, उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।
भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र सौंपकर आतिशी की सदस्यता रद्द करने, आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। रकाब गंज साहिब गुरुद्वारा की सिख कमेटी के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर आतिशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।
आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। AAP विधायकों का कहना है कि यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमाया जा रहा है और कोई अपमान करने का इरादा नहीं था। नेता प्रतिपक्ष आतिशी आज सदन में मौजूद नहीं थीं, जिसे भाजपा ने और आलोचना का मौका बनाया।
यह विवाद मंगलवार को शुरू हुआ था जब प्रदूषण पर चर्चा की मांग के दौरान टिप्पणियां हुईं। आज सदन में भाजपा विधायकों का फर्श पर बैठना और नारेबाजी ने सत्र को पूरी तरह बाधित कर दिया। सिख समाज में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और कई संगठनों ने आतिशी से माफी की मांग की है।
दिल्ली विधानसभा में BJP की सत्ता और AAP के विपक्ष की भूमिका में यह पहला बड़ा टकराव है, जो आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।
