राज्यसभा चुनाव 2026: NDA की बढ़त तय, BSP का सूपड़ा साफ, विपक्ष को लग सकता है झटका; 6 केंद्रीय मंत्रियों सहित 72 सांसदों का भविष्य दांव पर
राज्यसभा चुनाव 2026: NDA की बढ़त तय, BSP का सूपड़ा साफ, विपक्ष को लग सकता है झटका; 6 केंद्रीय मंत्रियों सहित 72 सांसदों का भविष्य दांव पर
नई दिल्ली: साल 2026 राज्यसभा की सियासत के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है। अप्रैल, जून और नवंबर में चरणबद्ध तरीके से 72 सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें 6 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं, जिनकी वापसी आसान नहीं होगी। मौजूदा विधानसभा संख्याबल के आधार पर NDA को बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है, जबकि विपक्ष (INDIA ब्लॉक) की सीटें घट सकती हैं। खास तौर पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व खत्म हो सकता है, जिससे उसकी राष्ट्रीय पार्टी की स्थिति भी खतरे में पड़ जाएगी।
वर्तमान में राज्यसभा में NDA के पास 135 (BJP सहित) और INDIA ब्लॉक के पास 80 सीटें हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 चुनावों के बाद NDA की ताकत 145 तक पहुंच सकती है, जबकि INDIA ब्लॉक 75 के आसपास सिमट सकता है। सबसे ज्यादा 10 सीटें उत्तर प्रदेश से खाली होंगी, जहां BJP 8 सीटें जीत सकती है और SP को 2 मिल सकती हैं। BSP की एकमात्र सीट (रामजी गौतम) भी जा सकती है, क्योंकि उसके पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं।
दांव पर लगे प्रमुख नाम:
केंद्रीय मंत्री (6): हरदीप सिंह पुरी (पेट्रोलियम), बीएल वर्मा (सहकारिता), रवनीत सिंह बिट्टू (राजस्थान से), जॉर्ज कुरियन (मध्य प्रदेश), रामदास अठावले (महाराष्ट्र), रामनाथ ठाकुर (बिहार)।
विपक्षी दिग्गज: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (कर्नाटक), शरद पवार (NCP-SP, महाराष्ट्र), दिग्विजय सिंह (कांग्रेस, मध्य प्रदेश), एचडी देवगौड़ा (पूर्व पीएम, कर्नाटक), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT), उपेंद्र कुशवाहा (बिहार)।
अन्य: राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन हरिवंश (जेडीयू, बिहार), रामगोपाल यादव (SP) आदि।
राज्यवार प्रमुख सीटें:
उत्तर प्रदेश: 10 (NDA मजबूत)
महाराष्ट्र: 7 (शरद पवार, अठावले की सीटें)
तमिलनाडु: 6
बिहार: 5 (NDA को 4-5 का फायदा)
पश्चिम बंगाल, ओडिशा: 5-5
कर्नाटक, गुजरात, आंध्र: 4-4 प्रत्येक
ये चुनाव विधानसभा संख्याबल पर निर्भर करेंगे। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी 2026 में हैं (असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल), जो राज्यसभा गणित को और प्रभावित करेंगे। NDA की मजबूती से विधेयकों का पास होना आसान हो सकता है, जबकि विपक्ष को सदन में आवाज उठाने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि ये चुनाव 2029 लोकसभा चुनाव की दिशा भी तय करेंगे।
