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ट्रंप ने ईरान को दी खुली धमकी: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई तो अमेरिका करेगा हस्तक्षेप, खामनेई रेजीम पर बढ़ा दबाव

ट्रंप ने ईरान को दी खुली धमकी: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई तो अमेरिका करेगा हस्तक्षेप, खामनेई रेजीम पर बढ़ा दबाव

तेहरान/वाशिंगटन: ईरान में आर्थिक संकट से उपजे सत्ता विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के रेजीम को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें हिंसक तरीके से मारता है – जो उनका पुराना रिवाज है – तो यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हम लॉक्ड एंड लोडेड हैं और जाने को तैयार हैं।”

यह बयान 2 जनवरी 2026 को आया, जब ईरान में प्रदर्शन पांचवें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन रियाल के रिकॉर्ड गिरावट, 42% से ज्यादा महंगाई और आर्थिक संकट से भड़के हैं। शुरुआत में व्यापारियों की हड़ताल से शुरू हुए आंदोलन ने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया – प्रदर्शनकारी “डेथ टू डिक्टेटर”, “खामनेई इस साल गिरेंगे” और “न गाजा, न लेबनान, मेरी जान ईरान के लिए” जैसे नारे लगा रहे हैं। तेहरान, हमदान, क्वेश्म, इस्फहान समेत कई शहरों में छात्रों और आम लोगों ने सड़कें जाम कीं, सरकारी इमारतों पर हमले किए और खामनेई के पोस्टर फाड़े।

ट्रंप प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया है। पहले भी ट्रंप ने कहा था कि ईरान की अर्थव्यवस्था “बर्बाद” है और लोग खुश नहीं हैं। अब उनकी यह धमकी रेजीम के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि ईरान पहले ही अमेरिकी सैंक्शंस और जून 2025 के इजरायल-अमेरिका हमलों से जूझ रहा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसे “विदेशी साजिश” बताया, जबकि खामनेई ने इसे “साइकोलॉजिकल वॉरफेयर” करार देकर बसीज मिलिशिया को अलर्ट किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह चेतावनी महज बयानबाजी नहीं – यह रेजीम चेंज की ओर इशारा कर रही है। प्रदर्शनों में अब तक कई मौतें हो चुकी हैं, और अगर हिंसा बढ़ी तो मिडिल ईस्ट में नया संकट पैदा हो सकता है। ईरान ने इंटरनेट थ्रॉटल किया और कई शहरों में शटडाउन लगाया, लेकिन आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा। दुनिया की नजरें अब इस पर हैं कि ट्रंप की धमकी कितनी गंभीर है और ईरान का जवाब क्या होगा।

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