गिग वर्कर्स के लिए ऐतिहासिक कदम: 90 दिन काम पर मिलेगा सोशल सिक्योरिटी कवर, पहचान पत्र और बीमा-पेंशन जैसे बड़े लाभ
गिग वर्कर्स के लिए ऐतिहासिक कदम: 90 दिन काम पर मिलेगा सोशल सिक्योरिटी कवर, पहचान पत्र और बीमा-पेंशन जैसे बड़े लाभ
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे स्विगी-जोमैटो डिलीवरी बॉय, उबर-ओला ड्राइवर) के लिए सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं, जो इस सेक्टर के लाखों श्रमिकों के लिए बड़ा राहत भरा प्रस्ताव है। नए नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में किसी एक एग्रीगेटर (प्लेटफॉर्म) के साथ कम से कम 90 दिन काम करने पर या कई प्लेटफॉर्म्स पर कुल 120 दिन काम करने पर वर्कर्स सोशल सिक्योरिटी लाभों के लिए पात्र हो जाएंगे। ये नियम अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होने वाले चार नए श्रम कोड्स का हिस्सा हैं।
मुख्य प्रस्ताव:
पात्रता की शर्त: एक एग्रीगेटर के साथ 90 दिन या मल्टीपल एग्रीगेटर्स पर 120 दिन काम (कैलेंडर दिन के आधार पर, आय अर्जित करने वाले दिन गिने जाएंगे)।
लाभ: स्वास्थ्य बीमा (आयुष्मान भारत से लिंक), जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, मातृत्व लाभ और भविष्य में पेंशन स्कीम।
रजिस्ट्रेशन: 16 साल से ऊपर सभी गिग वर्कर्स का आधार-लिंक्ड रजिस्ट्रेशन अनिवार्य। एग्रीगेटर्स को वर्कर्स की डिटेल्स सेंट्रल पोर्टल पर शेयर करनी होंगी, जिससे यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जेनरेट होगा।
पहचान पत्र: हर पात्र वर्कर को डिजिटल या फिजिकल आईडेंटिटी कार्ड जारी किया जाएगा।
अपात्रता: 60 साल की उम्र पूरी होने पर या तय दिन काम न करने पर लाभ बंद हो जाएंगे।
श्रम मंत्रालय ने 30 दिसंबर 2025 को ये ड्राफ्ट नियम सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए जारी किए हैं। स्टेकहोल्डर्स से 30-45 दिनों में सुझाव मांगे गए हैं। मंत्रालय का लक्ष्य मार्च 2026 तक 100 करोड़ श्रमिकों को सोशल सिक्योरिटी कवर देना है। फिलहाल ई-श्रम पोर्टल पर गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन चल रहा है, जो इन लाभों से लिंक होगा।
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन होगा, जो गिग वर्कर्स की संख्या का आकलन करेगा, नए एग्रीगेटर्स की पहचान करेगा और कल्याणकारी नीतियां बनाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ये नियम गिग इकोनॉमी को औपचारिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं, लेकिन स्पोराडिक काम करने वाले वर्कर्स के लिए चुनौती हो सकती है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया जब न्यू ईयर ईव पर कई शहरों में गिग वर्कर्स ने बेहतर पे और कंडीशंस की मांग को लेकर हड़ताल की थी। सरकार का दावा है कि ये नियम वर्कर्स की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेंगे।
