राजनीति

‘कोई मतभेद नहीं…’: शिवकुमार संग ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया ने एकजुटता का संदेश दिया

‘कोई मतभेद नहीं…’: शिवकुमार संग ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया ने एकजुटता का संदेश दिया

बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार (29 नवंबर 2025) को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकजुटता का ऐलान किया। सिद्धारमैया के कावेरी निवास पर हुए ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद दोनों नेताओं ने स्पष्ट कहा कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है, न ही भविष्य में होगा। यह संयुक्त संबोधन पार्टी हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद आया, जहां दोनों को एक-दूसरे से मिलने का निर्देश दिया गया था। सिद्धारमैया ने कहा, “हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है, और आगे भी नहीं रहेगा। हम हाईकमान के हर फैसले का पालन करेंगे।”

मीटिंग से पहले सोशल मीडिया पर सिद्धारमैया ने “शब्द तभी शक्ति है जब वह दुनिया को बेहतर बनाए” का संदेश दिया था, जबकि शिवकुमार ने “शब्द शक्ति है दुनिया की शक्ति” लिखा। ब्रेकफास्ट में उपमा, इडली और सांबर शेयर करते हुए दोनों की तस्वीर वायरल हुई, जो उनके सौहार्दपूर्ण रिश्ते का संकेत दे रही थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने कहा, “कांग्रेस का एजेंडा 2028 के विधानसभा चुनाव है। हमने लोकल बॉडी इलेक्शन और सरकार दोहराने पर चर्चा की। हम एक साथ जाएंगे। कुछ विधायक दिल्ली गए थे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नेतृत्व के खिलाफ नहीं हैं।”

डीके शिवकुमार ने कहा, “मुख्यमंत्री के साथ हमारी चर्चा उत्पादक रही। कर्नाटक की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर बात हुई। नेतृत्व मुद्दे पर हम पार्टी हाईकमान का पालन करेंगे। हम वफादार सिपाही हैं।” उन्होंने संसद के विंटर सेशन में चीनी, मक्का और अन्य कार्यक्रमों पर केंद्रीय सहायता न मिलने का मुद्दा उठाया। सिद्धारमैया ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का जिक्र किया, जहां उन्होंने राज्य की मांगें रखीं।

यह संयुक्त उपस्थिति कर्नाटक में ‘रोटेशनल सीएम डील’ की अटकलों को विराम देने का प्रयास लगता है। सिद्धारमैया का दावा है कि उन्हें पूरे पांच साल का मंडेट मिला है, जबकि शिवकुमार ने 2.5 साल बाद सीएम बनने का संकेत दिया था। विपक्षी बीजेपी और जेडीएस ने इसे कमजोरी बताते हुए अविश्वास प्रस्ताव की धमकी दी, लेकिन सिद्धारमैया ने खारिज करते हुए कहा, “वे 60 हैं, जेडीएस 18। हम 140 हैं। यह व्यर्थ प्रयास है।”

मीटिंग के बाद शिवकुमार दिल्ली रवाना हो गए, जहां वे मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिलेंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि जल्द ही वे शिवकुमार के घर लंच या डिनर के लिए जाएंगे। यह घटनाक्रम कांग्रेस को 2028 चुनावों के लिए मजबूत करने का संकेत है, जहां वे स्थानीय निकाय चुनावों पर फोकस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एकजुटता दिखावा हो या सच्ची, लेकिन हाईकमान की भूमिका निर्णायक होगी। कर्नाटक कांग्रेस के लिए यह राहत की सांस है, जहां आंतरिक कलह ने सरकार की छवि खराब की थी।

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