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एयरबस A320 विमानों में सोलर रेडिएशन का खतरा: भारत में 350+ फ्लाइट्स प्रभावित, DGCA ने जारी किया अलर्ट

एयरबस A320 विमानों में सोलर रेडिएशन का खतरा: भारत में 350+ फ्लाइट्स प्रभावित, DGCA ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली: यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस ने अपने A320 फैमिली विमानों (A318, A319, A320, A321) के लिए वैश्विक आपातकालीन अलर्ट जारी किया है, जिसमें तीव्र सौर विकिरण (इंटेंस सोलर रेडिएशन) से फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के डेटा में करप्शन का खतरा बताया गया है। यह समस्या 30 अक्टूबर को अमेरिकी एयरलाइन जेटब्लू के एक A320 विमान के साथ हुई घटना से सामने आई, जब मैक्सिको से अमेरिका जाते समय विमान अचानक नीचे की ओर झुक गया, जिसमें 15 यात्री घायल हो गए। भारत में इस अलर्ट से इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 338 से अधिक विमान प्रभावित हुए हैं, जिससे सैकड़ों फ्लाइट्स में देरी और कुछ कैंसिलेशन की नौबत आ गई है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 30 नवंबर सुबह 5:30 बजे से प्रभावित विमानों को उड़ान भरने पर रोक लगा दी है, जब तक सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा न हो।

एयरबस के अनुसार, सूर्य से निकलने वाली तीव्र सौर विकिरण (जैसे सोलर फ्लेयर्स या कोरोनल मास इजेक्शन) उच्च ऊंचाई पर विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। A320 के फ्लाई-बाय-वायर कंट्रोल सिस्टम में ELAC (इलेवेटर अट्रू कंप्यूटर) जैसे कंप्यूटर डेटा को प्रोसेस करते हैं, जो सौर विकिरण से करप्ट हो सकता है। इससे पायलट को कंट्रोल खोने का खतरा पैदा हो जाता है, जैसे अचानक पिच डाउन (नीचे झुकना)। वैश्विक स्तर पर 6,000 से अधिक विमान प्रभावित हैं, जो A320 फैमिली का आधा फ्लीट है। अधिकांश में 2-3 घंटे का सॉफ्टवेयर अपडेट पर्याप्त है, लेकिन कुछ में हार्डवेयर चेंज की जरूरत पड़ेगी, जो 1-2 दिन ले सकता है।

भारत में स्थिति गंभीर है। इंडिगो के 200, एयर इंडिया के 113 और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 25 विमान इस लिस्ट में हैं, कुल 338। DGCA के आदेश के बाद एयरलाइंस ने 29 नवंबर को ही अपडेट शुरू कर दिए। एयर इंडिया ने कहा कि 40% से अधिक विमानों पर काम पूरा हो चुका है, कोई कैंसिलेशन नहीं लेकिन कुछ फ्लाइट्स में देरी हुई। इंडिगो ने भी “सेफ्टी फर्स्ट” कहते हुए पैसेंजर्स को स्टेटस चेक करने की सलाह दी। जापान की ANA ने 95 फ्लाइट्स कैंसल कीं, जबकि अमेरिका में डेल्टा और जेटब्लू में 50 से कम विमान प्रभावित हुए। भारत में छोटे एयरपोर्ट्स पर खड़े विमानों को बड़े मेंटेनेंस बेस पर शिफ्ट किया जा रहा है।

यह घटना एविएशन में सौर विकिरण के खतरे को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य की गतिविधियां (सोलर साइकल 25) बढ़ रही हैं, जो 2025 में चरम पर हैं। पूर्व क्वांटास कैप्टन डॉ. इयान गेटली ने बताया कि कोस्मिक रेडिएशन से इलेक्ट्रॉनिक्स प्रभावित होते हैं, खासकर ध्रुवों के ऊपर। EASA और FAA ने इमरजेंसी डायरेक्टिव जारी किए हैं। एयरबस CEO गुइलॉम फॉरी ने लिंक्डइन पर कहा, “यह लॉजिस्टिकल चैलेंज है, लेकिन सेफ्टी प्रायोरिटी है।” भारत में DGCA ने एयरलाइंस से डेली रिपोर्ट मांगी है।

पैसेंजर्स के लिए सलाह: फ्लाइट स्टेटस चेक करें (एयर इंडिया: airindia.com, इंडिगो: goindigo.in), अल्टरनेटिव बुकिंग पर विचार करें। यह अपडेट लंबे समय में फ्लीट को सुरक्षित बनाएगा। वैश्विक उड्डयन में यह सोलर रिस्क का पहला बड़ा केस है, जो भविष्य में और सावधानियां बढ़ाएगा।

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