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बिहार चुनाव 2025: उम्मीदवारों की लिस्ट से साफ NDA-महागठबंधन का जातिगत दांव, यादव vs EBC-Yadav समीकरण!

बिहार चुनाव 2025: उम्मीदवारों की लिस्ट से साफ NDA-महागठबंधन का जातिगत दांव, यादव vs EBC-Yadav समीकरण!

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आते ही NDA (एनडीए) और महागठबंधन ने अपनी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। कुल 243 सीटों पर दोनों गठबंधनों ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए दांव लगाया है। जनगणना 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में OBC-EBC 63%, SC-ST 20%, मुस्लिम 17%, ऊपरी जाति 10% हैं। NDA ने EBC (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) पर भारी दांव लगाया है (लगभग 55% उम्मीदवार EBC से), जबकि महागठबंधन ने यादव-मुस्लिम गठजोड़ (MY समीकरण) को मजबूत करने पर फोकस किया है (Yadav 25%+ मुस्लिम 20%)। यह रणनीति 2020 के चुनावों से प्रेरित है, जहां जाति ने 70% वोट तय किए।

NDA का दांव: EBC पर केंद्रित, नीतीश की पकड़ मजबूत

एनडीए (बीजेपी, जेडीयू, हमल, वीआईपी) ने 115 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। मुख्य फोकस EBC पर है, जो बिहार की 36% आबादी है। जेडीयू ने 45 में से 25 EBC (कोएरी, कुशवाहा, बनिया) दिए, जबकि बीजेपी ने 58 में से 30 EBC-ST (महादलित) चुने। उदाहरण:

नीतीश कुमार (जेडीयू, नालंदा): कुर्मी (EBC), नीतीश का गढ़।

सम्राट चौधरी (बीजेपी, बेगूसराय): कोएरी (EBC), उपमुख्यमंत्री।

जितन राम मांझी (हमल, गया): मुसहर (SC, महादलित)।

रेणु देवी (बीजेपी, बेतिया): दुसाध (SC)।

अन्य: कुशवाहा (10%), बनिया (5%)।

NDA ने ऊपरी जाति (भूमिहार, राजपूत) को सिर्फ 15% सीटें दीं, ताकि EBC को नाराज न करें। विशेषज्ञों का कहना है, यह ‘नीतीश मॉडल’ है—EBC+SC से 50% वोट पक्के। बीजेपी ने मुस्लिम बहुल सीटों पर हिंदू उम्मीदवार उतारे, लेकिन जेडीयू ने 5 मुस्लिम दिए। कुल मिलाकर, NDA का दांव ‘विकास+जाति संतुलन’ पर है।

महागठबंधन का दांव: यादव-मुस्लिम पर दांव, तेजस्वी की युवा अपील

महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी) ने 128 सीटों पर दांव लगाया। आरजेडी ने 70 में से 40 यादव दिए, जो 14% आबादी है लेकिन MY (मुस्लिम-यादव) से 35% वोट आते हैं। मुस्लिम उम्मीदवार 25% हैं। प्रमुख नाम:

तेजस्वी यादव (आरजेडी, सरायकेला): यादव, युवा चेहरा।

लालू प्रसाद यादव (आरजेडी, मांझी): यादव (अगर स्वास्थ्य अनुमति)।

राबड़ी देवी (आरजेडी, दानापुर): यादव।

मिसा भारती (आरजेडी, पाटलिपुत्र): यादव।

अन्य: मुस्लिम (अख्तरुल इमान, 10 सीटें), ब्राह्मण (5%), दलित (10%)।

कांग्रेस ने 20 सीटों पर मुस्लिम-ईसाई फोकस किया, जबकि वामपंथी EBC (कुर्मी) को ललकारे। महागठबंधन का दांव ‘सामाजिक न्याय’ पर है, लेकिन EBC की अनदेखी से नुकसान हो सकता है। तेजस्वी ने कहा, “हमारा फोकस नौजवान और गरीब पर है, जाति नहीं।”

जातिगत ब्रेकडाउन: एक नजर

नीचे टेबल में दोनों गठबंधनों के प्रमुख उम्मीदवारों और जातियों का सारांश है (आधारित चुनाव आयोग डेटा):

बिहार में एनडीए गठबंधन में ईबीसी (कोएरी, कुर्मी) जाति से 55% उम्मीदवार हैं, जिनमें नीतीश कुमार (कुर्मी) और सम्राट चौधरी (कोएरी) प्रमुख उदाहरण हैं, जबकि एससी-एसटी से 20% उम्मीदवार हैं, जैसे जितन राम मांझी (मुसहर)। वहीं महागठबंधन में यादव जाति से 25% उम्मीदवार हैं, जैसे तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी, तथा मुस्लcock से 20% उम्मीदवार हैं, जैसे अख्तरुल इमान।

यह दांव बताता है कि बिहार चुनाव जाति पर लड़े जाएंगे। NDA EBC से मजबूत, महागठबंधन MY से। क्या EBC का वोट बंटेगा? 20 नवंबर को वोटिंग से साफ होगा। फिलहाल, दोनों पक्ष प्रचार में जुटे हैं।

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