बिहार चुनाव 2025: भागलपुर में BJP को लगा तगड़ा झटका, MLA ललन पासवान ने थामा RJD का लालटेन
बिहार चुनाव 2025: भागलपुर में BJP को लगा तगड़ा झटका, MLA ललन पासवान ने थामा RJD का लालटेन
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग (6 नवंबर) से ठीक एक दिन पहले सत्ताधारी NDA को बड़ा झटका लगा, जब भागलपुर जिले के पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के मौजूदा विधायक ललन पासवान ने मंगलवार (5 नवंबर 2025) को पार्टी छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थाम लिया। यह घटना पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर तेजस्वी यादव की मौजूदगी में हुई, जहां पासवान ने RJD की सदस्यता ग्रहण की। पासवान का यह कदम NDA के लिए खासकर भागलपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में नुकसानदेह साबित हो सकता है, जहां OBC और दलित वोटों का बंटवारा तय माना जा रहा है।
ललन पासवान का सफर: BJP से RJD तक का राजनीतिक मोड़
ललन पासवान लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। वे 2020 के विधानसभा चुनाव में पीरपैंती से बीजेपी के टिकट पर जीते थे, जहां उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी थी। पासवान का प्रभाव भागलपुर और आसपास के जिलों में मजबूत है, खासकर पासवान समुदाय (SC) में। RJD में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय जनता दल का कारवां बढ़ता रहे, आज से मैं भी हुआ शामिल। तेजस्वी मय बिहार बनाना है।” खबरों के मुताबिक, पासवान को टिकट न मिलने से नाराजगी थी, जिसके बाद उन्होंने यह फैसला लिया। दिलचस्प बात यह है कि 2022 में नीतीश कुमार के NDA छोड़ने के समय लालू प्रसाद यादव ने पासवान को सरकार गिराने का ऑफर दिया था, लेकिन तब उन्होंने ठुकरा दिया था। अब RJD ने उन्हें पीरपैंती से ही उम्मीदवार बनाने का संकेत दिया है, जो महागठबंधन के लिए बड़ा बूस्ट साबित हो सकता है।
BJP पर असर: NDA की एकजुटता पर सवाल, भागलपुर में चुनौती
यह दल-बदल BJP के लिए तगड़ा झटका है, क्योंकि पीरपैंती NDA का मजबूत गढ़ रहा है। पहले चरण में भागलपुर जिले की 12 सीटें शामिल हैं, जहां NDA ने अपनी सीट बंटवारा फाइनल कर लिया था—BJP को 5, JD(U) को 4 और LJP को 3। पासवान के जाने से BJP को नया उम्मीदवार तलाशना पड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। BJP प्रदेश प्रवक्ता ने इसे “व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा” बताया, लेकिन आंतरिक स्रोतों का कहना है कि टिकट वितरण में असंतोष बढ़ रहा है। विपक्षी खेमे में उत्साह है, क्योंकि यह घटना महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-वामपंथी) को मजबूती दे रही है, जो वोटर लिस्ट विवाद के बीच जूझ रहा था।
चुनावी परिदृश्य: पहले चरण से पहले और दल-बदल की आशंका
बिहार चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, परिणाम 14 नवंबर को। NDA (BJP-JD(U)-LJP-HAM-RLM) ने 243 में से 243 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर मजबूत मोर्चा संभाला है, जबकि महागठबंधन सामाजिक न्याय और विकास के एजेंडे पर जोर दे रहा है। जन सुराज पार्टी (प्रशांत किशोर) तीसरा विकल्प बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पासवान जैसे नेताओं का पलायन NDA की एकजुटता को कमजोर कर सकता है, खासकर जब OBC-SC वोटों का ध्रुवीकरण हो रहा है। तेजस्वी यादव ने पासवान का स्वागत करते हुए कहा, “ललन पासवान जैसे जनप्रिय और जमीनी नेता का RJD में स्वागत है। पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय और सबको साथ लेकर चलना है।” यह घटना बिहार की सियासत को और रोमांचक बना रही है, जहां हर नेता की कीमत सोने की हो रही है।
