बिजनौर: शादी का कार्ड समझ APK फाइल फॉरवर्ड की, 100 से ज्यादा मोबाइल हो गए हैक
बिजनौर: शादी का कार्ड समझ APK फाइल फॉरवर्ड की, 100 से ज्यादा मोबाइल हो गए हैक
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में साइबर ठगों ने नया जाल बिछाया है। एक किसान संगठन के व्हाट्सऐप ग्रुप पर शादी के कार्ड के नाम पर APK फाइल भेजी गई, जिसे सदस्यों ने गलती से फॉरवर्ड कर दिया। नतीजा? 100 से ज्यादा मोबाइल फोन हैक हो गए। यह घटना साइबर अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहां शादियों के सीजन का फायदा उठाकर ठग लोगों को फंसाते हैं। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
घटना की शुरुआत एक किसान संगठन के व्हाट्सऐप ग्रुप से हुई। संगठन की महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष उपमा चौहान को एक परिचित नंबर से APK फाइल मिली, जो शादी के कार्ड जैसी लग रही थी। उत्सुकता में उन्होंने इसे डाउनलोड कर लिया। तुरंत उनके फोन में असामान्य गतिविधियां शुरू हो गईं—मैसेज अपने आप फॉरवर्ड होने लगे। हैकर्स ने उपमा के कॉन्टैक्ट लिस्ट का इस्तेमाल कर वही APK फाइल अन्य सदस्यों को भेज दी। ग्रुप में मौजूद पत्रकार दिनेश प्रजापति ने बताया, “मुझे लगा कि कोई परिचित शादी का कार्ड भेज रहा है, इसलिए डाउनलोड कर लिया। लेकिन अगले ही पल फोन अनियंत्रित हो गया। मैसेज अपने आप भेजने लगे, और बैटरी तेजी से ड्रेन होने लगी।” इसी तरह, 100 से अधिक लोगों के फोन प्रभावित हुए, जिनमें किसान, महिलाएं और युवा शामिल हैं।
APK फाइल एंड्रॉयड पैकेज किट होती है, जो वास्तव में मैलवेयर से भरी होती है। डाउनलोड होते ही यह फोन का पूरा एक्सेस ले लेती है—कॉन्टैक्ट्स, मैसेज, फोटो, बैंक डिटेल्स सब चुरा लेती है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस OTP, पिन और बैंक अकाउंट तक पहुंच जाता है, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। बिजनौर के साइबर सेल प्रभारी ने कहा, “यह चेन मैसेज जैसा है। एक फोन हैक होने पर पूरा नेटवर्क प्रभावित हो जाता है। हमने ग्रुप एडमिन से लिंक मांगा है और हैकर्स को ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं।” पीड़ितों में से कुछ ने पहले ही बैंक खातों से अनधिकृत ट्रांजेक्शन की शिकायत दर्ज कराई है।
यह स्कैम देशभर में फैल रहा है। राजस्थान के बीकानेर और अजमेर में भी इसी तरह के मामले सामने आए, जहां शादी कार्ड के नाम पर 4.5 लाख रुपये उड़ा लिए गए। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि अनजान नंबर से आने वाली फाइलें न डाउनलोड करें। साइबर एक्सपर्ट सलमान खान ने सलाह दी, “APK फाइलें केवल गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें। फोन हैक होने पर तुरंत सिम बदलें और एंटीवायरस स्कैन करें।” विशेषज्ञों का कहना है कि शादियों के सीजन में यह स्कैम बढ़ जाता है, क्योंकि लोग उत्साह में सावधानी भूल जाते हैं।
बिजनौर प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। स्थानीय स्कूलों और ग्रुप्स में साइबर सुरक्षा पर वर्कशॉप आयोजित हो रहे हैं। एसएसपी ने कहा, “हम सख्त कार्रवाई करेंगे। लोगों से अपील है कि संदिग्ध मैसेज फॉरवर्ड न करें।” यह घटना डिजिटल दुनिया के खतरे की याद दिलाती है। सतर्क रहें, वरना छोटी सी गलती भारी पड़ सकती है। साइबर ठगों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।
