राजनीति

‘2014 से पहले देश में व्यापक भ्रष्टाचार था’, CM योगी का पूर्व सरकारों पर तीखा प्रहार

‘2014 से पहले देश में व्यापक भ्रष्टाचार था’, CM योगी का पूर्व सरकारों पर तीखा प्रहार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। रविवार को गोरखपुर में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने कहा, “2014 से पहले देश में व्यापक भ्रष्टाचार का बोलबाला था। नौजवान बेरोजगारी की भट्ठी में झुलस रहे थे, किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या को मजबूर हो रहे थे।” यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के शासन की तारीफ के बीच आया, जहां सीएम ने दावा किया कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल गई हैं।

योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि 70 सालों तक सत्ता में रहने के बावजूद पूर्व सरकारों ने देश को लूटा। “कांग्रेस-समाजवादी गठबंधन ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, जिससे गरीबी, बेरोजगारी और अराजकता चरम पर पहुंच गई। लेकिन 2014 में मोदी जी के आने के बाद डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध-मुक्त और विकास के पथ पर ले जाकर मिसाल कायम की।” उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में 2.5 करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं, किसानों की आय दोगुनी हुई है और महिलाओं को सम्मान मिला है। “अब विपक्ष वाले कहते हैं कि 70 सालों का हिसाब दो। हम तो 11 सालों का हिसाब देकर आगे बढ़ रहे हैं,” योगी ने व्यंग्य भरे लहजे में कहा।

यह बयान लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी के बीच आया है, जहां भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रही है। योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर भी निशाना साधा। “सपा राज में अपराधी राज था, बसपा में भ्रष्टाचार का साम्राज्य। आज यूपी में कानून का राज है, निवेश का राज है।” उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं से 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। “2014 से पहले का भारत भ्रष्टाचार की दलदल में डूबा था, आज वह विश्व गुरु बनने की राह पर है।”

विपक्ष ने सीएम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “2014 से पहले विकास हो रहा था, आज केवल प्रचार हो रहा है। बेरोजगारी और महंगाई का ग्राफ ऊंचा है।” वहीं, कांग्रेस ने इसे “विकास के नाम पर विभाजनकारी राजनीति” करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि योगी का यह प्रहार विपक्ष को घेरने की रणनीति का हिस्सा है, खासकर जब यूपी में आगामी विधानसभा चुनावों की घंटी बज रही है।

योगी ने सभा में छठ महोत्सव का भी जिक्र किया, कहा कि यह पर्व सूर्यदेव की आराधना से समृद्धि लाता है, ठीक वैसे ही जैसे मोदी सरकार ने देश को समृद्ध किया। सभा में हजारों समर्थक उपस्थित थे, जो नारों से गूंज रही थी। यह बयान न केवल राजनीतिक बहस छेड़ रहा है, बल्कि 2014 के बाद के बदलावों को रेखांकित कर भाजपा की छवि मजबूत करने का प्रयास है। यूपी की सियासत में यह नया दौरा विपक्ष के लिए चुनौती बन गया है।

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