सावधान! चक्रवात मोंथा की दहशत: इन 4 राज्यों में रेड अलर्ट, भारी तबाही का खतरा
सावधान! चक्रवात मोंथा की दहशत: इन 4 राज्यों में रेड अलर्ट, भारी तबाही का खतरा
बंगाल की खाड़ी में विकराल रूप धारण कर चुका चक्रवात ‘मोंथा’ तेजी से भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह चक्रवात 28 अक्टूबर को शाम या रात में आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से कलिंगपट्टनम (काकीनाडा के पास) तट पर टकराएगा। हवाओं की गति 90-100 किमी/घंटा, जो 110 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इसके असर से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पुदुचेरी में भारी तबाही का खतरा है। इन चार राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी हो चुके हैं, जबकि स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लाखों लोगों का एबाक्यूएशन शुरू हो गया है।
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात का केंद्र चेन्नई से 640 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित है और यह तेजी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। आंध्र प्रदेश में 23 जिलों के लिए रेड-ऑरेंज अलर्ट है, जहां 100 मिमी तक बारिश और 110 किमी/घंटा की हवाएं दर्ज की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। श्रीकाकुलम से तिरुपति तक प्रभावित क्षेत्रों में तटीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जान-माल की हानि न हो, इसके लिए छुट्टियां रद्द कर राहत कार्य तेज करें। स्कूल-कॉलेज 29 अक्टूबर तक बंद रहेंगे।
ओडिशा में दक्षिणी आठ जिलों को ‘रेड जोन’ घोषित कर दिया गया है। भुवनेश्वर से पुरी तक भारी बारिश का अलर्ट है, जहां 5,000 से अधिक आपदा प्रतिक्रिया कर्मी तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने 27 से 30 अक्टूबर तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद करने का आदेश दिया। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जबकि दक्षिण ओडिशा में 27 से तीन दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी है। 1999 के सुपर साइक्लोन की यादें ताजा हो गई हैं, जब 10,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों, खासकर चेन्नई में ऑरेंज अलर्ट जारी है। 27 और 28 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जो 2023 के साइक्लोन मिचौंग की तरह बाढ़ ला सकती है। चेन्नई में लाइफ गार्ड्स ने समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है। पुदुचेरी में भी येलो अलर्ट है, जहां भारी वर्षा से यातायात प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने राहत सामग्री का स्टॉक कर लिया है।
केरल में भी चक्रवात का असर दिख रहा है, जहां कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ऑरेंज अलर्ट है। 27 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट। हालांकि, मुख्य प्रभाव पूर्वी तट पर ही रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘मोंथा’ (थाईलैंड द्वारा नामित) गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है, जो रेलेसेमा, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में अत्यधिक भारी वर्षा लाएगा। केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की हैं। पश्चिम बंगाल में भी सतर्कता बरती जा रही है। आईएमडी ने मछुआरों को तुरंत किनारे लौटने को कहा है।
लोगों से अपील है कि घर से बाहर न निकलें, रेडियो-टीवी पर अपडेट सुनें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। यह चक्रवात 29 अक्टूबर तक असर डालेगा। पूर्वी तटवासी सतर्क रहें, वरना जान-माल की हानि हो सकती है।
