बिहार चुनाव: महागठबंधन को बड़ा झटका, सुगौली से VIP प्रत्याशी शशि भूषण सिंह का नामांकन रद्द; NDA को फायदा
बिहार चुनाव: महागठबंधन को बड़ा झटका, सुगौली से VIP प्रत्याशी शशि भूषण सिंह का नामांकन रद्द; NDA को फायदा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नामांकन प्रक्रिया के समापन के ठीक बाद महागठबंधन को एक और झटका लगा है। पूर्वी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र से विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रत्याशी और वर्तमान विधायक शशि भूषण सिंह का नामांकन तकनीकी खामियों के कारण रद्द कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने कागजातों की समीक्षा के दौरान पाया कि अनरजिस्टर्ड पार्टियों (जैसे VIP) के लिए अनिवार्य 10 प्रस्तावकों (प्रोपोजर्स) की कमी थी। सिंह ने केवल एक प्रस्तावक के साथ फॉर्म जमा किया था, यह मानते हुए कि RJD के साथ गठबंधन पर्याप्त होगा। इससे महागठबंधन की सीट पर NDA के उम्मीदवार राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता (लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास) को मजबूत बढ़त मिल गई है।
यह घटनाक्रम नामांकन समीक्षा के दौरान सामने आया, जहां कुल पांच प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए। इनमें RJD विद्रोही ओम प्रकाश साहनी (स्वतंत्र) का भी शामिल है, जिनके कागजातों में कई खंड अधूरे थे। प्रभात खबर ने बताया कि सुगौली में यह उलटफेर महागठबंधन की आंतरिक कमजोरियों को उजागर करता है। सिंह ने 2020 में इस सीट पर 65,267 वोटों से जीत हासिल की थी, लेकिन अब गठबंधन को जल्दी नया उम्मीदवार उतारने या अपील करने का फैसला लेना होगा।
नामांकन रद्द के मुख्य कारण
– तकनीकी चूक: अनरजिस्टर्ड पार्टियों के लिए चुनाव आयोग के नियमों के तहत कम से कम 10 प्रस्तावकों की जरूरत होती है। VIP को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता न मिलने से यह अनिवार्य था।
– गठबंधन की भूल: सिंह ने RJD गठबंधन पर भरोसा करते हुए अतिरिक्त प्रस्तावकों की व्यवस्था नहीं की, जो संगठनात्मक लापरवाही का संकेत देता है।
– अन्य प्रभावित: सुगौली के अलावा, महागठबंधन में अन्य विवादों से प्रभावित RJD विद्रोही साहनी का नामांकन भी रद्द। इससे गठबंधन की वोटों का ध्रुवीकरण प्रभावित हो सकता है।
महागठबंधन पर बढ़ता दबाव
यह झटका JMM के बाहर निकलने के बाद आया है, जहां पार्टी ने RJD-कांग्रेस पर ‘साजिश’ का आरोप लगाते हुए बिहार चुनाव से किनारा कर लिया। एक रिपोर्ट में कहा गया कि महागठबंधन में सीट बंटवारे पर तनाव चरम पर है, और तारापुर में VIP प्रत्याशी सकलदेव बिंद ने BJP जॉइन कर ली। मुंगेर के तारापुर में VIP ने अपने उम्मीदवार का समर्थन वापस ले लिया, जिसके बाद बिंद ने BJP में शामिल होकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का साथ दिया। वही, गठबंधन के घटक दलों के बीच 11 सीटों पर सीधी टक्कर हो रही है, जिसमें RJD-कांग्रेस पर 6 और CPI-कांग्रेस पर 4 सीटें शामिल हैं।
NDA ने इसे विपक्ष की कमजोरी बताते हुए मजबूती दिखाई। JDU सांसद संजय झा ने कहा, “महागठबंधन अभी भी सीटों पर अटका है, जबकि NDA ने समय पर घोषणा कर कैंपेनिंग शुरू कर दी।” चिराग पासवान ने दावा किया कि महागठबंधन ने कई ‘चुनौतीपूर्ण’ सीटों पर NDA को वॉकओवर दे दिया।
चुनावी प्रभाव और आगे की रणनीति
सुगौली SC-आरक्षित सीट है, जहां दलित और पिछड़े वोट निर्णायक हैं। बबलू गुप्ता अब मजबूत दावेदार बन गए हैं। महागठबंधन को अब अपील दाखिल करने या नया उम्मीदवार उतारने का विकल्प है, लेकिन समय कम है। कुल 121 सीटों के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है। एनडीटीवी प्रॉफिट के अनुसार, नामांकन समाप्ति के बाद 1,314 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन विपक्ष की फ्रैक्चर्ड स्थिति NDA के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
यह घटना बिहार चुनाव में महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही है। क्या गठबंधन डैमेज कंट्रोल कर पाएगा? NDA की लहर मजबूत हो रही है, और विपक्ष को रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
