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नकवी नहीं माने तो… BCCI ने एशिया कप ट्रॉफी पर PCB चीफ को दी सख्त चेतावनी, ICC में ले जाएंगे मामला

नकवी नहीं माने तो… BCCI ने एशिया कप ट्रॉफी पर PCB चीफ को दी सख्त चेतावनी, ICC में ले जाएंगे मामला

एशिया कप 2025 की चैंपियनशिप जीतने के एक महीने बाद भी ट्रॉफी का विवाद ठंडा नहीं पड़ा। बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चीफ और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) प्रेसिडेंट मोहसिन नकवी को सख्त चेतावनी जारी की है। BCCI ने 21 अक्टूबर को नकवी को ईमेल भेजकर एशिया कप ट्रॉफी भारत को सौंपने की मांग की है, वरना इसे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के अगले महीने दुबई में होने वाले मीटिंग में उठाया जाएगा। नकवी ने ट्रॉफी को अपने पास रखा हुआ है, और उनकी शर्तों को BCCI ने सिरे से खारिज कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, BCCI चीफ देवजित सैकिया ने इंडिया टुडे को पुष्टि की कि ईमेल में नकवी को ‘गंभीर परिणामों’ की चेतावनी दी गई है। नकवी PCB चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर भी हैं, इसलिए BCCI का तर्क है कि ट्रॉफी ACC की संपत्ति है, न कि नकवी की निजी। यदि मांग पूरी न हुई, तो BCCI ICC बोर्ड में शिकायत दर्ज करेगी।

क्या है पूरा विवाद? समयरेखा

– 28 सितंबर 2025: एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती। लेकिन प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। कारण: नकवी पाकिस्तान सरकार के प्रमुख नेता हैं, और भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह स्वीकार्य नहीं। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, “मैंने कभी ऐसा नहीं देखा कि विजेता टीम को ट्रॉफी न मिले।”

– ट्रॉफी का ड्रामा: सेरेमनी के बाद नकवी ने ट्रॉफी और मेडल्स को स्टेज से हटा लिया और अपने दुबई के होटल रूम में ले गए। भारतीय खिलाड़ी लगभग एक घंटे इंतजार करते रहे।

– 30 सितंबर: ACC की ऑनलाइन मीटिंग में BCCI के आशीष शेलार और राजीव शुक्ला ने नकवी से ट्रॉफी लौटाने की मांग की। नकवी ने भारत को जीत की बधाई तक नहीं दी, जिसके बाद BCCI प्रतिनिधियों ने मीटिंग बीच में छोड़ दी। नकवी ने शिकायत की कि उन्हें भारतीय टीम के इनकार की लिखित सूचना नहीं दी गई, और वे स्टेज पर “कार्टून” जैसे लगे।

– 21 अक्टूबर: BCCI ने ईमेल भेजा। नकवी ने शर्त रखी कि ट्रॉफी लेने के लिए सूर्यकुमार यादव खुद मौजूद हों, लेकिन BCCI ने इसे नामंजूर कर दिया। NDTV स्पोर्ट्स के स्रोतों के मुताबिक, BCCI ने नकवी को ICC में शिकायत न करने की भी चेतावनी दी।

सेरेमनी में देरी के दौरान स्टेज सेटअप न होने और नकवी के साथ अधिकारियों की लंबी चर्चा हुई। भारतीय दर्शकों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए, जबकि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी खरी-खोटी सुनाई।

राजनीतिक रंग: BJP का समर्थन

BJP ने BCCI के स्टैंड का खुलकर समर्थन किया। IT सेल हेड अमित मालवीय ने X पर नकवी को “प्रोपगैंडिस्ट” कहा और इसे “न्यू इंडिया” की भावना बताया। न्यूज18 की रिपोर्ट में BCCI सेक्रेटरी देवजित सैकिया ने कहा, “हम ट्रॉफी एक ऐसे व्यक्ति से नहीं ले सकते जो हमारे खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले देश का प्रतिनिधित्व करता है।” अल जजीरा ने भी पुष्टि की कि नकवी के राजनीतिक पद ने विवाद को बढ़ाया।

आगे क्या? ICC में एस्केलेशन

बता दें कि यदि नकवी नहीं माने, तो BCCI नवंबर की ICC मीटिंग में मुद्दा उठाएगी। इससे नकवी की ACC प्रेसिडेंसी पर सवाल उठ सकते हैं। द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, BCCI नकवी के व्यवहार पर “स्ट्रॉन्ग प्रोटेस्ट” दर्ज करने की तैयारी में है। खिलाड़ी मेडल्स के साथ-साथ ट्रॉफी का इंतजार कर रहे हैं, जो ACC हेडक्वार्टर दुबई में लॉक है।

यह विवाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों की कड़वाहट को उजागर कर रहा है। क्या ICC हस्तक्षेप करेगा? फिलहाल, BCCI का रुख साफ है—ट्रॉफी भारत की, बिना शर्त। क्रिकेट फैंस इस ड्रामे पर नजरें टिकाए हैं!

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