ईरान की 2 और महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण, कुल 7 हो गईं संख्या
ईरान की 2 और महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण, कुल 7 हो गईं संख्या
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान की महिला फुटबॉल टीम के सदस्यों का ऑस्ट्रेलिया में शरण लेना एक बड़ा मामला बन गया है। ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री टोनी बर्क ने बुधवार को पुष्टि की कि ईरान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की 2 और सदस्यों को मानवीय वीजा (humanitarian visa) प्रदान कर दिया गया है, जिससे कुल शरण लेने वाली खिलाड़ियों और टीम स्टाफ की संख्या 7 हो गई है।
यह घटना तब सामने आई जब ईरान की महिला टीम एशियन कप (AFC Women’s Asian Cup) खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी। टीम के पहले मैच से पहले खिलाड़ियों ने ईरानी राष्ट्रगान नहीं गाया, जिसे विरोध के रूप में देखा गया। टीम के होटल (गोल्ड कोस्ट में) से पुलिस सुरक्षा में निकलकर कई खिलाड़ियों ने शरण मांगी।
किन्हें मिली शरण?
पहले 5 खिलाड़ियों को मंगलवार को शरण मिली:
कप्तान ज़हरा घनबरी (Zahra Ghanbari)
फतेमेह पसंदिदेह (Fatemeh Pasandideh)
ज़हरा सरबली (Zahra Sarbali)
आतेफेह रामेज़ानी-ज़ादेह (Atefeh Ramezani-Zadeh)
मोना हमूदी (Mona Hamoudi)
अब 2 और (एक खिलाड़ी और एक सपोर्ट स्टाफ सदस्य) को बुधवार को वीजा मिला, हालांकि एक खिलाड़ी ने बाद में अपना फैसला बदल लिया और ईरान लौटने का फैसला किया। कुल मिलाकर 6-7 सदस्य अब ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बात की थी। ट्रंप ने भी ऑस्ट्रेलिया को “ईरानी महिला फुटबॉलरों की देखभाल” करने के लिए धन्यवाद दिया।
क्यों मांगी शरण?
खिलाड़ियों को डर था कि ईरान लौटने पर उन्हें सजा या प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है, खासकर राष्ट्रगान न गाने और हिजाब/पोशाक से जुड़े विरोध के कारण।
ईरान में महिला एथलीट्स पर सख्त नियम हैं, और युद्ध के बीच स्थिति और जटिल हो गई है।
शरण लेने वाली खिलाड़ियों ने हिजाब उतारकर खुशी जताई और ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित महसूस किया।
ईरान का रिएक्शन
ईरान ने इन खिलाड़ियों को “घर लौटने” की अपील की है और दावा किया कि वे सुरक्षित हैं। ईरानी मीडिया ने इसे “बंधक बनाने” जैसा बताया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट किया कि यह खिलाड़ियों की अपनी इच्छा से हुआ फैसला है।
ऑस्ट्रेलिया की भूमिका
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने खिलाड़ियों को होटल से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अब उन्हें रहने, काम करने और पढ़ाई करने का अधिकार मिल गया है। ब्रिस्बेन रोअर जैसी लोकल टीम ने उन्हें ट्रेनिंग और खेलने का ऑफर भी दिया है।
यह घटना ईरान में महिलाओं की आजादी और खेल जगत में मानवाधिकारों पर बहस को फिर से तेज कर रही है। स्थिति पर नजर बनी हुई है, और अधिक खिलाड़ियां शरण मांग सकती हैं।
