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कर्नाटक में धार्मिक जुलूस के दौरान भरभराकर गिरा पुल, पालकी ले जा रहे 8 श्रद्धालु घायल

कर्नाटक में धार्मिक जुलूस के दौरान भरभराकर गिरा पुल, पालकी ले जा रहे 8 श्रद्धालु घायल

मूडबिद्री (दक्षिण कन्नड़), 25 अप्रैल 2026: कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में धार्मिक जुलूस के दौरान एक पुराना पैदल पुल अचानक भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में पालकी (भंडारा) ले जा रहे 8 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

हादसा मूडबिद्री के पास पुच्चेमोगारू (पुच्चमोगारु) क्षेत्र के तकोडे बरके (Takode Barke) में हुआ। यह घटना ‘तकोडे बरके धर्म नेमा’ (Dharmanema) अनुष्ठान के दौरान हुई, जब श्रद्धालु देवी कोडामनित्ताया दैवा की पालकी (भंडारा) को लेकर जुलूस में आगे बढ़ रहे थे। बैंड-बाजे की धुन पर थिरकते हुए श्रद्धालु पुल के बीच पहुंचे, तभी पुल का मुख्य लकड़ी का बीम अचानक टूट गया।

पुल के गिरते ही पालकी संतुलन खोकर लगभग 10 फीट नीचे नाले/धारा में गिर गई। पालकी उठाने वाले श्रद्धालु भी पुल के साथ नीचे गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को निकाला।

मुख्य जानकारी

घटना की तारीख: 22 अप्रैल 2026 (बुधवार)

स्थान: होसाबेट्टू ग्राम पंचायत अंतर्गत बावडा बैलु, पुच्चेमोगारू (मूडबिद्री के पास)

कारण: दशकों पुराना पैदल पुल (kalusanka/footbridge), जो जंगली क्षेत्र में बना हुआ था। भारी भीड़ और पुरानी संरचना के कारण बीम टूट गया।

घायल: 8 श्रद्धालु (पालकी उठाने वाले मुख्य रूप से शामिल)

कोई मौत: नहीं हुई, सभी घायल

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घायलों को मूडबिद्री या मंगलुरु के नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने पुराने पुलों की सुरक्षा जांच कराने और धार्मिक जुलूसों के दौरान भीड़ प्रबंधन पर सख्ती बरतने का आश्वासन दिया है।

यह घटना धार्मिक उत्सवों के दौरान पुरानी संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोग लंबे समय से ऐसे पुराने पुलों की मरम्मत की मांग करते रहे हैं।

नोट: घायलों की संख्या और स्थिति पर नवीनतम अपडेट के अनुसार कोई गंभीर चोट नहीं बताई गई है, लेकिन आगे की जांच जारी है।

श्रद्धालुओं की जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की कामना। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत है।

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