’स्लैपगेट’ विवाद फिर भड़का: श्रीसंत ने हरभजन सिंह को इंस्टाग्राम पर किया ब्लॉक, लगाया ‘व्यावसायिक फायदे’ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप
’स्लैपगेट’ विवाद फिर भड़का: श्रीसंत ने हरभजन सिंह को इंस्टाग्राम पर किया ब्लॉक, लगाया ‘व्यावसायिक फायदे’ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे चर्चित विवादों में से एक, ‘स्लैपगेट’ (Slapgate) कांड, 18 साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद की वजह मैदान पर हुई कोई झड़प नहीं, बल्कि एक कमर्शियल विज्ञापन और उससे जुड़ी कड़वाहट है। दिग्गज तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए घोषणा की है कि उन्होंने भज्जी के साथ अपने तमाम रिश्ते खत्म कर लिए हैं।
क्या है विवाद की नई वजह?
हाल ही में एक विज्ञापन (Advertisement) रिलीज हुआ था जिसमें 2008 की उस थप्पड़ वाली घटना का मजाकिया अंदाज में जिक्र किया गया था। श्रीसंत का आरोप है कि हरभजन सिंह ने उस विवादित घटना को भुनाते हुए विज्ञापन से 80 लाख से 1 करोड़ रुपये कमाए। श्रीसंत की नाराजगी तब और बढ़ गई जब हरभजन ने खुद उन्हें फोन करके इस विज्ञापन को सोशल मीडिया पर प्रमोट (स्टोरी लगाने) के लिए कहा।
”माफ कर दिया, पर भूला नहीं” – श्रीसंत
मलयालम आउटलेट ‘मातृभूमि’ को दिए इंटरव्यू में श्रीसंत ने अपने दिल का गुबार निकालते हुए कहा:
”मैंने अब तक भज्जी के बारे में कभी खुलकर बात नहीं की थी। लेकिन जब उन्होंने उस दर्दनाक घटना पर विज्ञापन बनाया और मुझसे ही उसे प्रमोट करने को कहा, तो मैंने उन्हें साफ कर दिया कि मैं उन्हें माफ तो कर सकता हूं लेकिन वो घटना कभी नहीं भूल सकता।”
श्रीसंत ने आगे कहा कि हरभजन का व्यवहार अब उन्हें ‘दिखावा’ लगता है और इसी वजह से उन्होंने हरभजन को इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है।
फ्लैशबैक: क्या था 2008 का ‘स्लैपगेट’?
यह विवाद IPL के पहले सीजन (2008) के दौरान शुरू हुआ था। किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच मैच के बाद, हरभजन सिंह ने मैदान पर ही श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। उस समय रोते हुए श्रीसंत की तस्वीरों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस घटना के बाद हरभजन को पूरे टूर्नामेंट के लिए निलंबित कर दिया गया था।
रिश्तों में आई स्थायी दरार
पिछले कुछ सालों में दोनों खिलाड़ियों को लीजेंड्स लीग और कमेंट्री के दौरान साथ देखा गया था, जिससे लगा था कि उनके बीच सब ठीक है। लेकिन श्रीसंत के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि उनके मन में अभी भी गहरी ठेस है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि उन्हें अब हरभजन की कोई जरूरत नहीं है और वे उन्हें अपना भाई नहीं मानते।
न्यूज़ डेस्क: इस मामले पर अब तक हरभजन सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। खेल प्रेमियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या किसी पुराने विवाद को विज्ञापन के जरिए पैसा कमाने का जरिया बनाना नैतिक रूप से सही है?
