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क्रिकेट बैट का विज्ञान: जानें बल्ले की लंबाई, चौड़ाई और क्यों जरूरी है ‘गेज टेस्ट’

क्रिकेट बैट का विज्ञान: जानें बल्ले की लंबाई, चौड़ाई और क्यों जरूरी है ‘गेज टेस्ट’

​क्रिकेट के खेल में बल्ले (Bat) की बनावट और उसके माप का बहुत महत्व होता है। खेल में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ‘मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब’ (MCC) ने बल्ले के आकार और वजन को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। यदि कोई खिलाड़ी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे ‘अवैध बल्ले’ की श्रेणी में रखा जाता है।

​आइए जानते हैं एक स्टैंडर्ड क्रिकेट बैट की माप और उससे जुड़ी तकनीकी बारीकियों के बारे में:

​1. क्रिकेट बल्ले की मानक माप (Standard Measurements)

​MCC के नियम 5 के अनुसार, एक पेशेवर क्रिकेट बैट की माप निम्नलिखित होनी चाहिए:

​कुल लंबाई (Length): बल्ले की कुल लंबाई (हैंडल सहित) 38 इंच (96.52 सेमी) से अधिक नहीं होनी चाहिए।

​चौड़ाई (Width): बल्ले की चौड़ाई अधिकतम 4.25 इंच (10.8 सेमी) हो सकती है।

​किनारों की मोटाई (Edge Thickness): बल्ले के किनारों की मोटाई 1.57 इंच (40 मिमी) से ज्यादा नहीं हो सकती।

​बीच की गहराई (Depth/Spine): बल्ले के बीच का सबसे मोटा हिस्सा (Spine) अधिकतम 2.64 इंच (67 मिमी) हो सकता है।

​2. बल्ले का ‘गेज टेस्ट’ (Bat Gauge Test) क्या है?

​अक्सर मैचों के दौरान अंपायरों को बल्ले की जांच करते देखा जाता है, जिसे ‘गेज टेस्ट’ कहा जाता है। यह टेस्ट इसलिए किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खिलाड़ी तय सीमा से अधिक मोटे या चौड़े बल्ले का इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है।

​कैसे होता है टेस्ट: अंपायरों के पास लकड़ी या प्लास्टिक का एक सांचा (Template) होता है, जिसे ‘बैट गेज’ कहते हैं। इसमें एक निर्धारित छेद (Slot) होता है जो ठीक 4.25 इंच चौड़ा और 2.64 इंच गहरा होता है।

​नियम: नियम के अनुसार, बल्ले को इस गेज के छेद से आसानी से आर-पार गुजरना चाहिए। यदि बल्ला गेज में फंस जाता है, तो इसका मतलब है कि वह मानक आकार से अधिक मोटा या चौड़ा है और खिलाड़ी उसका उपयोग नहीं कर सकता।

​3. गेज टेस्ट की जरूरत क्यों पड़ी?

​पुराने समय में बल्ले की मोटाई पर कोई प्रतिबंध नहीं था। इसके कारण कई बल्लेबाज (जैसे डेविड वॉर्नर और क्रिस गेल) बहुत अधिक मोटे किनारों वाले बल्लों का उपयोग करने लगे थे।

​बल्लेबाजों को फायदा: मोटे बल्लों के कारण ‘मिस-हिट’ होने पर भी गेंद आसानी से बाउंड्री के बाहर चली जाती थी।

​संतुलन: खेल में गेंदबाज और बल्लेबाज के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए 2017 में MCC ने मोटाई की सीमा तय कर दी और गेज टेस्ट को अनिवार्य बना दिया।

​4. बल्ले का वजन (Weight)

​दिलचस्प बात यह है कि MCC ने बल्ले के वजन को लेकर कोई सख्त नियम नहीं बनाया है। खिलाड़ी अपनी पसंद और ताकत के अनुसार हल्का या भारी बल्ला चुन सकता है। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी 1.1 किलोग्राम से 1.4 किलोग्राम तक के बल्ले का उपयोग करते हैं।

​महत्वपूर्ण जानकारी एक नज़र में

विशेषता                           मानक माप (अधिकतम)

लंबाई                              38 इंच

चौड़ाई                             4.25 इंच

किनारों की मोटाई              40 मिमी

स्पाइन (बीच की मोटाई)      67 मिमी

सामाग्री              केवल लकड़ी (आमतौर पर इंग्लिश विलो)

 

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