राजनीति

बिहार विधानसभा सत्र: तेजस्वी का तंज— “बीजेपी ने नीतीश को फिनिश किया, सम्राट जी! अपनी पगड़ी संभालकर रखें”

बिहार विधानसभा सत्र: तेजस्वी का तंज— “बीजेपी ने नीतीश को फिनिश किया, सम्राट जी! अपनी पगड़ी संभालकर रखें”

​पटना: बिहार विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नई एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी ने अपने भाषण में तंज, तीखी बयानबाजी और आंकड़ों के जरिए सत्ता पक्ष को घेरा। उनके संबोधन के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:

​1. “बीजेपी ने नीतीश कुमार को फिनिश कर दिया”

​तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने पर तंज कसते हुए कहा:

​नारे पर तंज: जेडीयू का नारा था ‘2025 से 30, फिर से नीतीश’, लेकिन बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री रहने ही नहीं दिया।

​एक दिन का सत्र: उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी पहले ही बता देती कि उनका अपना मुख्यमंत्री होगा, तो शायद इस एक दिन के विशेष सत्र की नौबत ही नहीं आती।

​2. सम्राट चौधरी को ‘सिलेक्टेड CM’ बताकर घेरा

​तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर धन्यवाद देते हुए उन्हें ‘इलेक्टेड’ (चुना हुआ) के बजाय ‘सिलेक्टेड’ (चुना गया) मुख्यमंत्री करार दिया।

​लालू की पाठशाला: तेजस्वी ने कहा, “सम्राट जी लालू जी की पाठशाला से निकले हैं, इससे अच्छी बात क्या हो सकती है।”

​पगड़ी पर कटाक्ष: उन्होंने सम्राट चौधरी की पगड़ी का जिक्र करते हुए कहा, “पगड़ी संभालकर रखिएगा, उस पर विजय सिन्हा (उपमुख्यमंत्री) की नजर है।”

​3. “असली बीजेपी ठगा हुआ महसूस कर रही है”

​तेजस्वी ने बीजेपी के भीतर की अंदरूनी राजनीति पर चुटकी लेते हुए कहा कि आज सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर ‘ओरिजिनल’ बीजेपी का कोई नेता नहीं है:

​बाहरी नेताओं का दबदबा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (पूर्व आरजेडी), उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा (पूर्व कांग्रेस) और विजेंद्र यादव (पूर्व आरजेडी) जैसे नेता पदों पर हैं।

​उन्होंने दावा किया कि जो लोग सालों से बीजेपी के लिए झंडा ढो रहे हैं, वे आज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

​4. परिवारवाद और आर्थिक स्थिति पर हमला

​तेजस्वी ने कहा कि अब उन पर परिवारवाद के आरोप नहीं लगेंगे, क्योंकि सम्राट चौधरी का पूरा परिवार (पिता, माता, भाई) राजनीति में सक्रिय है।

​बिहार का कर्ज: तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लालू जी ने बिहार को ‘सरप्लस’ (मुनाफे) में छोड़ा था, लेकिन आज राज्य पर 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।

​पेंशन का संकट: उन्होंने दावा किया कि खजाना खाली है और सरकार के पास पेंशन देने तक के पैसे नहीं हैं।

​5. “विरोधी हमने नहीं, आपने चुना”

​तेजस्वी ने भावुक लहजे में कहा कि पहले हम एक-दूसरे के विरोधी नहीं थे, लेकिन अब यह दूरी सम्राट चौधरी के फैसलों की वजह से आई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के तौर पर वे बिहार को गरीबी से उबारने के लिए हर सकारात्मक कदम का समर्थन करेंगे, लेकिन सरकार की नाकामियों पर चुप नहीं बैठेंगे।

​निष्कर्ष: तेजस्वी यादव का यह भाषण स्पष्ट करता है कि बिहार में आने वाले चुनाव और सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रहने वाली है। उन्होंने नीतीश कुमार के ‘युग के अंत’ और बीजेपी के वर्चस्व को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

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