गुजरात निकाय चुनाव: 26 अप्रैल को 9000+ सीटों पर महासंग्राम, जानें पूरा शेड्यूल
गुजरात निकाय चुनाव: 26 अप्रैल को 9000+ सीटों पर महासंग्राम, जानें पूरा शेड्यूल
गांधीनगर, 25 अप्रैल 2026: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग ने 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए 26 अप्रैल 2026 (रविवार) को मतदान की घोषणा की है। कुल 9,992 से 10,005 सीटों (बाय-इलेक्शन सहित) पर एक चरण में चुनाव होंगे, जिसमें करीब 4.19 करोड़ मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।826476
यह चुनाव गुजरात की जमीनी राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा वर्तमान में 6 प्रमुख नगर निगमों (अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर) पर काबिज है, जबकि इस बार 9 नए नगर निगमों (करमसद-आनंद, गांधिधाम, नडियाद, नवसारी, पोरबंदर, मेहसाणा, मोरबी, वापी और सुरेंद्रनगर) में भी पहली बार चुनाव हो रहे हैं।
पूरा चुनाव शेड्यूल
आदर्श आचार संहिता लागू: 1 अप्रैल 2026
निर्वाचन अधिसूचना जारी: 6 अप्रैल 2026
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 11 अप्रैल 2026
नामांकनों की जांच: 13 अप्रैल 2026
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026
मतदान की तिथि: 26 अप्रैल 2026 (सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक)
पुनः मतदान (यदि आवश्यक): 27 अप्रैल 2026
मतगणना और परिणाम घोषणा: 28 अप्रैल 2026
मतदान EVM मशीनों से होगा। राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस. मुरली कृष्णा ने बताया कि पूरे राज्य में 49,591 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। करीब 11,000 बूथ संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
सीटों का ब्योरा
कुल सीटें लगभग 9,992 (बाय-इलेक्शन की 13 सीटें मिलाकर 10,005 तक):
15 नगर निगम → 1,044 सीटें
84 नगर पालिकाएँ → 2,637 सीटें (लगभग)
34 जिला पंचायतें → 1,090 सीटें
260 तालुका पंचायतें → 5,234 सीटें
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई सौ सीटें निर्विरोध तय हो चुकी हैं (BJP को सबसे ज्यादा फायदा)। बाकी सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच होने की उम्मीद है।
खास बातें
इस बार OBC आरक्षण को बढ़ाकर 27% किया गया है (पहले 10% था)।
7 जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर भी OBC आरक्षण लागू।
पहली बार मल्टी-EVM सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
कुल मतदाता: 4.19 करोड़ (पुरुष: 2.16 करोड़+, महिला: 2.02 करोड़+, अन्य: 965)
गुजरात में भाजपा की मजबूत पकड़ को देखते हुए ये चुनाव सत्ताधारी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का मामला हैं, जबकि कांग्रेस और AAP इसे अपनी उपस्थिति बढ़ाने का मौका मान रही हैं। नामांकन के बाद अब चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
परिणाम 28 अप्रैल को आने के बाद गुजरात की स्थानीय सत्ता का नया समीकरण साफ हो जाएगा। जनता इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल भी मान रही है।
