राजनीति

दिल्ली प्रदूषण पर BJP-AAP में तीखी भिड़ंत: सिरसा ने AAP पर लगाए पराली जलाने के ‘उकसावे’ के आरोप, भारद्वाज ने ठहराया ‘अनपढ़’

दिल्ली प्रदूषण पर BJP-AAP में तीखी भिड़ंत: सिरसा ने AAP पर लगाए पराली जलाने के ‘उकसावे’ के आरोप, भारद्वाज ने ठहराया ‘अनपढ़’

दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा ने न सिर्फ सांस लेना मुश्किल कर दिया, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच सियासी जंग को भी भड़का दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच प्रदूषण को लेकर तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पंजाब के किसानों को पराली जलाने के लिए जानबूझकर उकसा रही है, ताकि दिल्ली की हवा और खराब हो और इसका ठीकरा किसानों व दिवाली पर फोड़ा जा सके। जवाब में AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सिरसा को ‘अनपढ़’ करार देते हुए उनके दावों को खारिज किया। यह विवाद तब भड़का जब दिल्ली का AQI ‘सीवियर’ कैटेगरी (400+) में पहुंच गया।

मंगलवार को सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP चीफ अरविंद केजरीवाल पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, “AAP पंजाब सरकार के जरिए किसानों को पराली जलाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि दिल्ली में उनकी सरकार प्रदूषण रोकने में नाकाम रही है।” सिरसा ने दावा किया कि पंजाब में AAP शासन के बाद पराली जलाने की घटनाएं 20% बढ़ गई हैं, जो दिल्ली के प्रदूषण का 40% कारण बन रही हैं। उन्होंने AAP पर ‘राजनीतिक साजिश’ का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए यह कर रही है।

AAP का पलटवार: ‘अनपढ़ सिरसा’ पर तंज

वहीं, AAP के वरिष्ठ नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने सिरसा के बयान पर तीखा प्रहार किया। भारद्वाज ने कहा, “एक अनपढ़ कह रहा है कि पंजाब में पराली जलने से दिल्ली का प्रदूषण बढ़ गया।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि दिल्ली का प्रदूषण मुख्य रूप से हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आ रहे धुएं, वाहनों के उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से है। भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “BJP शासित राज्यों में पराली जलाने पर कोई सख्ती नहीं हो रही। उन्होंने आर्टिफिशियल रेन का वादा किया था, लेकिन क्या हुआ? अब वे लोगों को बीमार देखकर खुश हो रहे हैं, ताकि प्राइवेट अस्पतालों को फायदा हो।”

भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि BJP ने AQI डेटा में हेरफेर करने के लिए जंगलों में मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए, ताकि प्रदूषण कम दिखे। उन्होंने BJP को चैलेंज किया, “यदि यमुना साफ है, तो एक लीटर पानी पीकर दिखाओ।”

विवाद की पृष्ठभूमि: पराली और दिवाली का धुआं

– पराली जलाने का मुद्दा: CPCB के आंकड़ों के अनुसार, 20 अक्टूबर को पंजाब में 3,230 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि हरियाणा में 150। AAP इसे पंजाब सरकार की नाकामी बताती है, लेकिन BJP का कहना है कि AAP ने किसानों को सब्सिडी न देकर उकसाया। लल्लुराम की रिपोर्ट में BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “AAP के 11 साल के शासन में दिल्ली की हवा साफ नहीं हुई।”

– दिवाली का असर: दिवाली पर पटाखों के बावजूद AQI 451 तक पहुंचा। TV9 हिंदी के अनुसार, AAP ने BJP पर ‘डेटा मैनिपुलेशन’ का आरोप लगाया, जबकि सिरसा ने AAP को ‘लापरवाही’ का दोषी ठहराया।

– राजनीतिक निशाना: यह विवाद 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो गया है। BJP ने स्कूल बंद करने की मांग की, जबकि AAP GRAP-2 लागू करने पर जोर दे रही है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण बहुआयामी समस्या है—पराली 38%, वाहन 20%, उद्योग 15% और धूल 12% योगदान दे रही। न्यूज18 के अनुसार, दोनों पार्टियां एक-दूसरे के शासित राज्यों पर दोष डाल रही हैं, लेकिन समाधान के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी।

यह सियासी रार तब तक जारी रहेगी जब तक हवा साफ न हो। फिलहाल, दिल्लीवासी मास्क और एयर प्यूरीफायर पर निर्भर हैं। क्या यह जंग प्रदूषण कम करेगी या और बढ़ाएगी? समय बताएगा।

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