अन्तर्राष्ट्रीय

​सरहद पर संग्राम: पाकिस्तान की भारी गोलाबारी से दहला अफगानिस्तान का कुनार प्रांत, 4 लोगों की मौत, यूनिवर्सिटी हॉस्टल को बनाया निशाना

​सरहद पर संग्राम: पाकिस्तान की भारी गोलाबारी से दहला अफगानिस्तान का कुनार प्रांत, 4 लोगों की मौत, यूनिवर्सिटी हॉस्टल को बनाया निशाना

​अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद अब एक खूनी संघर्ष का रूप लेता जा रहा है। सोमवार को पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में फिर से भीषण गोलाबारी की गई। इस हमले में कम से कम 4 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 45 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सेना ने कुनार के मुख्य शहर असदाबाद को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागीं।

​यूनिवर्सिटी हॉस्टल पर हमला, मलबे में तब्दील हुए घर

​सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने क्रूरता की हदें पार करते हुए कुनार यूनिवर्सिटी के हॉस्टल को भी निशाना बनाया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर आम नागरिक, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज में रिहायशी इलाकों में भारी तबाही देखी जा सकती है, जहाँ कई घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं।

​कुनार बना युद्ध का मैदान, पलायन को मजबूर परिवार

​पिछले एक हफ्ते में यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले सरकानो जिले में भी गोलाबारी की गई थी। लगातार हो रहे हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी ने कुनार को संघर्ष का मुख्य केंद्र बना दिया है।

​अस्त-व्यस्त जनजीवन: धमाकों की गूँज से स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।

​मानवीय संकट: बुनियादी ढांचा तबाह होने के कारण हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

​तालिबान और पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट

​पिछले दो महीनों में तालिबान सरकार और पाकिस्तानी सेना के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। डूरंड रेखा (विवादित सीमा) पर होने वाली ये झड़पें अब रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

​”पाकिस्तानी सेना की यह कार्रवाई गंभीर मानवीय उल्लंघन और इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। रिहायशी इलाकों में भारी हथियारों का इस्तेमाल करना कायरता है।” > — कारी मोहम्मद हनीफ, अर्थव्यवस्था मंत्री (अफगानिस्तान)

​27,000 परिवार हुए बेघर

​अफगानिस्तान सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सीमावर्ती नौ प्रांतों में अब तक 27,000 से अधिक अफगान परिवार विस्थापित हो चुके हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हस्तक्षेप को नहीं रोका गया, तो आने वाले दिनों में एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल, दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

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