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बंधकों की रिहाई के बीच इजरायली संसद में ट्रंप का जोरदार स्वागत: 2.5 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन, नेतन्याहू ने कहा ‘इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त’

बंधकों की रिहाई के बीच इजरायली संसद में ट्रंप का जोरदार स्वागत: 2.5 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन, नेतन्याहू ने कहा ‘इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त’

गाजा में दो साल के खूनी संघर्ष के बाद शांति की पहली सुबह इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में मनाई। हमास द्वारा सभी 20 जीवित इजरायली बंधकों की रिहाई के ठीक बाद ट्रंप ने इजरायली संसद (नेसेट) में कदम रखा, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। सांसदों ने खड़े होकर 2.5 मिनट तक जोरदार तालियां बजाईं, जो स्टैंडिंग ओवेशन का रूप ले लिया। यह ऐतिहासिक क्षण था, जहां ट्रंप को ‘व्हाइट हाउस में इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त’ कहा गया। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि ट्रंप का गाजा शांति प्लान क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार की दिशा में खुला द्वार है।

स्वागत का भव्य माहौल: तालियां और भावुक क्षण

– ओवेशन का विवरण: नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने ट्रंप का परिचय देते हुए कहा, “ट्रंप इजरायल का सबसे बड़ा मित्र हैं।” जैसे ही ट्रंप चैंबर में दाखिल हुए, सभी सांसद खड़े हो गए। ओवेशन इतना लंबा था कि ट्रंप को बोलने से पहले ही भावुक नजर आए। उनके साथ यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ और जेरेड कुश्नर को भी अलग-अलग तालियों का सम्मान मिला।

– ट्रंप का रिएक्शन: गेस्ट बुक पर साइन करते हुए ट्रंप ने लिखा, “यह मेरा महान सम्मान है। एक महान और सुंदर दिन। एक नई शुरुआत।” नेसेट में बोलते हुए उन्होंने कहा, “आज गाजा युद्ध खत्म हो गया। यह मिडिल ईस्ट का ऐतिहासिक सवेरा है।” उन्होंने इजरायल से गाजा में बॉम्बिंग तुरंत रोकने का आह्वान किया।

– नेतन्याहू की तारीफ: पीएम ने कहा, “ट्रंप व्हाइट हाउस में इजरायल के सबसे बड़े दोस्त हैं। कोई अमेरिकी राष्ट्रपति ने इतना नहीं किया।” उन्होंने ट्रंप के प्लान को “क्षेत्रीय शांति का द्वार” बताया। नेसेट गैलरी में एक घायल इजरायली वेटरन एरी स्पिट्ज को भी सम्मानित किया।

बंधकों की रिहाई: भावुक पुनर्मिलन

– रिहाई का क्रम: हमास ने सभी 20 जीवित बंधकों को रेड क्रॉस को सौंप दिया। पहले 7 बंधक तेल अवीव पहुंचे, जहां होस्टेज स्क्वायर पर चीयर्स और गाने गूंजे। बाकी 13 को रेइम मिलिट्री फैसिलिटी में मेडिकल चेकअप के बाद परिवारों से मिलाया गया। हमास ने 28 मृत बंधकों के शव लौटाने का वादा भी किया।

– इजरायल की तरफ से: बदले में इजरायल ने 250 लाइफ सेंटेंस वाले और 1,700 अन्य फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया। बसें रामल्लाह पहुंचीं, जहां फिलिस्तीनियों का स्वागत हुआ।

– परिवारों का जश्न: तेल अवीव में सड़कों पर जश्न, लेकिन नेतन्याहू के नाम पर कुछ बूएं भी गूंजीं। एक परिवार ने कहा, “ट्रंप ने चमत्कार किया।”

ट्रंप का दौरा: नेसेट से मिस्र शिखर सम्मेलन तक

– यात्रा का शेड्यूल: ट्रंप का इजरायल दौरा सिर्फ 4 घंटे का था, लेकिन देरी हुई। नेसेट भाषण के बाद वे मिस्र के शर्म एल-शेख जा रहे हैं, जहां पीस समिट में नेतन्याहू, मिस्र के सिसी और अन्य नेता हिस्सा लेंगे।

– ऐतिहासिक महत्व: ट्रंप चौथे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जो नेसेट को संबोधित कर रहे हैं (कार्टर 1979, क्लिंटन 1994, बुश 2008 के बाद)। उनका 20-पॉइंट प्लान हमास के डिसआर्मामेंट और फिलिस्तीनी स्टेट पर फोकस करता है।

यह दिन मिडिल ईस्ट के लिए नई उम्मीद जगाता है। यूके के पीएम कीर स्टार्मर ने ट्वीट किया, “यह शांति का पहला चरण है।”

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