बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज से खुला राज, विदेशी मुद्रा और केसर भी बरामद
बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज से खुला राज, विदेशी मुद्रा और केसर भी बरामद
उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से एक, भगवान बदरीविशाल के बदरीनाथ धाम से जुड़े दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई बेहद तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एसआईटी ने मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद, यह इस मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है, जिसने मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV फुटेज में जेब में नोटों के बंडल रखते दिखे पूर्व अधिकारी
जांच में शामिल आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बदरीनाथ धाम के चढ़ावा गणना कक्ष (जहां श्रद्धालु द्वारा अर्पित किए गए पैसों की गिनती होती है) के सीसीटीवी फुटेज की जब गहनता से पड़ताल की गई, तो उसमें चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान कथित रूप से कई बार नोटों के बंडल अपनी जेब में छिपाते हुए साफ दिखाई दिए। इसी पुख्ता डिजिटल साक्ष्य के आधार पर एसआईटी ने उनसे कड़ी पूछताछ की और शुक्रवार को उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया।
विदेशी मुद्रा, केसर और संदिग्ध सामान बरामद
राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी के बाद जब उनके ठिकानों की तलाशी ली गई और पूछताछ आगे बढ़ी, तो एसआईटी को उनके पास से भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा (Foreign Currency), कीमती केसर और अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ है। हालांकि, इन बरामद वस्तुओं को लेकर एसआईटी की ओर से अभी आधिकारिक और विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या यह विदेशी मुद्रा भी मंदिर में विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान का हिस्सा थी।
32 दिन का CCTV डेटा गायब, रिकवरी की कोशिशें जारी
इस पूरे मामले की जांच के दौरान एक और बड़ा और संदेहास्पद मोड़ सामने आया है, जो डिजिटल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है:
मंदिर समिति का दावा: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने शुरुआत में एसआईटी को बताया था कि उनके पास 45 दिनों की पूरी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित है।
मौजूदा स्थिति: लेकिन जब एसआईटी ने फुटेज कब्जे में ली, तो उन्हें केवल 13 दिनों का डेटा ही मिला। शेष 32 दिनों की महत्वपूर्ण रिकॉर्डिंग गायब (डिलीट) पाई गई है।
तकनीकी जांच: साइबर विशेषज्ञों की मदद से इस गायब 32 दिनों के डेटा को रिकवर कराने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह पूरा फुटेज रिकवर हो जाता है, तो इस घोटाले का दायरा और इसमें शामिल कई बड़े चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।
जांच का दायरा बढ़ेगा: थाना प्रभारी
बदरीनाथ के थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया: “सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र चौहान कथित रूप से नोटों के बंडल जेब में रखते दिखाई दिए थे, जिसके आधार पर पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। चढ़ावा गणना कक्ष में तैनात रहे अन्य संदिग्ध कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी तथा उपलब्ध सभी डिजिटल साक्ष्यों का गहन तकनीकी विश्लेषण जारी है।”
श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान बदरीविशाल को अर्पित दान से जुड़े होने के कारण प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। एसआईटी अब आरोपियों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और पिछले कुछ सालों के वित्तीय लेन-देन को खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि यह अवैध खेल कब से और कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था।
