फीफा वर्ल्ड कप फाइनल: इतिहास रचने से एक कदम दूर अर्जेंटीना, स्पेन की मजबूत दीवार से होगी खिताबी भिड़ंत
फीफा वर्ल्ड कप फाइनल: इतिहास रचने से एक कदम दूर अर्जेंटीना, स्पेन की मजबूत दीवार से होगी खिताबी भिड़ंत
फीफा वर्ल्ड कप की मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना इतिहास रचने से बस एक जीत दूर है। रविवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेटलाइफ स्टेडियम में खिताबी मुकाबला खेला जाएगा, जिसमें यूरोपीय चैंपियन स्पेन पर जीत दर्ज कर लियोनेल स्कालोनी की टीम साल 1962 में ब्राजील के बाद वर्ल्ड कप का खिताब सफलतापूर्वक बचाने वाली पहली टीम बन सकती है। अर्जेंटीना, इटली और ब्राजील के बाद यह कारनामा करने वाला दुनिया का तीसरा देश बनने की दहलीज पर खड़ा है।
लियोनेल मेसी का यह आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है, जिससे अर्जेंटीना की टीम इस दिग्गज खिलाड़ी को एक और ऐतिहासिक खिताबी विदाई देना चाहेगी।
दिल्ली में सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे रेस्टोरेंट और कैफे
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक ऐसा मुकाबला बताया है, जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी। इस बड़े मुकाबले के रोमांच को दोगुना करने के लिए दिल्ली सरकार ने राजधानी के रेस्टोरेंट और कैफे को सुबह 4 बजे तक फैंस के लिए खुले रखने की अनुमति दी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हर फुटबॉल फैन ने लियोनेल मेसी को इतिहास बनाते देखा है। अब, इतिहास में एक और कहानी जुड़ने जा रही है। एक लीजेंड। एक युवा टैलेंट। एक ट्रॉफी। एक ऐसी रात जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी। दिल्ली उस रात के लिए तैयार है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों के तहत शहर में 24×7 बिजनेस-फ्रेंडली सिस्टम पहले से ही लागू है। इसलिए, इस वीकेंड राजधानी के रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य योग्य जगहें सुबह 4 बजे तक फैंस का स्वागत कर सकती हैं, जिससे शहर के लोग मिलकर फुटबॉल की इस सबसे बड़ी रात का लुत्फ उठा सकेंगे।”
मेसी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ फाइनल में पहुंची अर्जेंटीना
फाइनल तक अर्जेंटीना का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है। इसमें शानदार जीत, जबरदस्त वापसी, एक्स्ट्रा-टाइम के कड़े मुकाबले और सबसे बढ़कर, लियोनेल मेसी का एक और यादगार टूर्नामेंट शामिल रहा है। 39 वर्षीय कप्तान ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 8 गोल दागकर शीर्ष स्थान हासिल किया है और एक बार फिर अर्जेंटीना के अभियान की मुख्य ताकत बने हैं। इस सफर में उन्होंने मिरोस्लाव क्लोज के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़कर अपने करियर में 21 गोल के साथ फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट की सबसे आक्रामक टीम भी रही है, जिसने 7 मुकाबलों में 19 गोल दागे हैं। इसमें कप्तान मेसी के साथ-साथ लुटारो मार्टिनेज, एन्जो फर्नांडीज, जूलियन अल्वारेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर और जियोवानी लो सेल्सो ने भी अहम भूमिका निभाई है।
सबसे मजबूत अटैक बनाम सबसे मजबूत डिफेंस की जंग
अब अर्जेंटीना और इतिहास के बीच सिर्फ स्पेन खड़ा है, जिससे फाइनल में एक बेहद दिलचस्प रणनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां अर्जेंटीना टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 19 गोल करने वाली आक्रामक टीम के तौर पर फाइनल में पहुंची है, वहीं दूसरी तरफ स्पेन का डिफेंस इस वर्ल्ड कप में सबसे मजबूत रहा है। स्पेनिश टीम ने अब तक खेले सात मुकाबलों में विपक्षी टीमों को सिर्फ एक गोल करने का मौका दिया है। ऐसे में यह खिताबी मुकाबला फुटबॉल इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में से एक होने जा रहा है।
