Saturday, July 18, 2026
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महाराष्ट्र में सियासी हलचल: शरद पवार गुट के NDA में शामिल होने की अटकलें तेज, BJP ने रखी विलय की शर्त

महाराष्ट्र में सियासी हलचल: शरद पवार गुट के NDA में शामिल होने की अटकलें तेज, BJP ने रखी विलय की शर्त

​महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की चर्चाओं से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। यह चर्चा हाल ही में शरद पवार और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई एक मुलाकात के बाद से और तेज हुई है।

​इस सियासी घटनाक्रम पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि शरद पवार और एकनाथ शिंदे की यह मुलाकात अचानक नहीं थी, बल्कि पहले से सब कुछ तय था। चव्हाण ने आरोप लगाया कि सरकार के ही कुछ लोगों ने उन्हें जानकारी दी है कि शरद पवार के सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, और यही नहीं, कांग्रेस के सांसदों को भी पाला बदलने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, शरद पवार के पोते और एनसीपी विधायक रोहित पवार ने एनडीए में जाने की इन सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है।

​बीजेपी का साफ संदेश: पहले दोनों गुटों का विलय जरूरी

​शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। बीजेपी नेतृत्व की ओर से एक क्लियर मैसेज दिया गया है कि एनसीपी शरद पवार गुट को अलग से एनडीए में शामिल करने के बजाय, एनसीपी के दोनों धड़ों (शरद पवार और अजीत पवार गुट) का आपस में विलय होना पहली शर्त है।

​बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पार्टी दोनों गुटों के एक होने पर जोर दे रही है। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि शरद पवार गुट का बीजेपी में विलय नहीं होगा, बल्कि उन्हें अपनी मूल पार्टी के दूसरे धड़े के साथ एक होना होगा।

​विलय होने पर मिल सकते हैं दो मंत्री पद

​सूत्रों के मुताबिक, यदि एनसीपी के दोनों धड़ों का आपस में सफल विलय हो जाता है, तो भविष्य में दोनों ही गुटों से एक-एक नेता को मंत्री पद दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में संसद में एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के पास कुल 9 सांसद हैं, जिनमें आठ लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद शामिल हैं।

​परिसीमन बिल के लिए शरद पवार का समर्थन अहम, सुनेत्रा पवार असहज

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार के आगामी ‘परिसीमन बिल’ (Delimitation Bill) को संसद में आसानी से पास कराने के लिए शरद पवार के इन 9 सांसदों का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसी वजह से परिसीमन बिल पर शरद पवार के नरम रुख और समर्थन की संभावनाओं को देखते हुए बीजेपी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है।

​हालांकि, एनसीपी (एसपी) के एनडीए को समर्थन देने की इन अटकलों से अजीत पवार गुट की नेता सुनेत्रा पवार काफी असहज बताई जा रही हैं। फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति के इस ऊंट को किस करवट बैठना है, यह कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन हर किसी की नजरें अब ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले शरद पवार के अगले सियासी कदम पर टिकी हैं।

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