Sunday, July 19, 2026
Latest:
राष्ट्रीय

सोनम वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद भी 20 जुलाई का संसद मार्च तय, पत्नी गीतांजलि ने लगाया अस्पताल पर रिपोर्ट छिपाने का आरोप, अन्ना हजारे ने भी गहरी चिंता व्यक्त की

सोनम वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद भी 20 जुलाई का संसद मार्च तय, पत्नी गीतांजलि ने लगाया अस्पताल पर रिपोर्ट छिपाने का आरोप, अन्ना हजारे ने भी गहरी चिंता व्यक्त की

​दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई 2026) सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद भी आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 20 जुलाई को होने वाला संसद मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा और वांगचुक भी इसमें हिस्सा लेंगे।

​”हमारा उपवास जारी है, व्यवस्था में बदलाव जरूरी” – गीतांजलि आंग्मो

​गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बावजूद सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार जारी है। उन्होंने डॉक्टरों द्वारा दिए गए इलेक्ट्रोलाइट पाउडर को लेने से भी इनकार कर दिया है और वे केवल नमक-पानी के सहारे उपवास पर हैं।

​गीतांजलि आंग्मो ने कहा: “20 जुलाई का मार्च तय है। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करना कार्यपालिका और पॉलिसी बनाने वालों की जिम्मेदारी है। हमारा काम उन्हें यह बताना है कि सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है। यह आंदोलन अब सिर्फ NEET पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक बड़ा अभियान बन गया है। इसका मकसद पूरे देश की अंतरात्मा को जगाना है।”

​हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन और अस्पताल में पारदर्शिता की कमी के आरोप

​गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक की सेहत की नियमित निगरानी (मॉनिटरिंग) का निर्देश दिया था, लेकिन उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती करने का कोई आदेश नहीं दिया था।

​उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित बातें उठाईं:

​रिपोर्ट साझा करने से इनकार: डॉक्टरों ने मौखिक रूप से बताया कि वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर 4.3 से घटकर 2.9 हो गया है, लेकिन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल लिखित मेडिकल रिपोर्ट की प्रतियां नहीं दे रहा है। परिवार कोई भी इलाज शुरू करने से पहले किसी बाहरी प्राइवेट लैब से इन टेस्ट की स्वतंत्र जांच करवाना चाहता है।

​’जेल’ जैसा माहौल: अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और परिजनों को अंदर मोबाइल फोन तक ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे ऐसा महसूस हो रहा है कि वे जेल में हैं।

​निजी डॉक्टरों को रोका गया: वांगचुक के स्वास्थ्य की शुरुआत से निगरानी कर रहे डॉ. सतीश लांबा ने भी आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने उन्हें वांगचुक से मिलने की इजाजत नहीं दी।

​गीतांजलि ने अस्पताल प्रशासन को लिखित रूप से चेतावनी दी है कि उनकी और उनके डॉक्टर की लिखित अनुमति के बिना वांगचुक को कोई भी दवा या मेडिकल ट्रीटमेंट न दिया जाए, और उन्हें तुरंत अस्पताल से छुट्टी दी जाए।

​सरकार किसी दुखद नतीजे का इंतजार न करे: अन्ना हजारे

​सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाए जाने की घटना पर देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि सरकार को भूख हड़ताल के दौरान किसी दुखद नतीजे का इंतजार नहीं करना चाहिए। हजारे ने नसीहत दी कि युवाओं और छात्रों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर बातचीत शुरू करने में कोई बुराई नहीं है, सरकार को तुरंत प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करना चाहिए।

​दिल्ली पुलिस और डॉक्टरों का पक्ष

​दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से अनशन पर रहने के कारण सोनम वांगचुक का शरीर काफी कमजोर हो गया है और उनमें डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के गंभीर लक्षण हैं।

​पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह जब डॉक्टरों की टीम जंतर-मंतर पर रोजाना के शेड्यूल के मुताबिक जांच के लिए पहुंची थी, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा डाली जिससे अफरा-तफरी मची। इसके बाद वांगचुक की बेहद नाजुक सेहत को देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह और हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत ही उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे फिलहाल सीनियर डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

​इस बीच, जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है और वामपंथी छात्र संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *